नई दिल्ली. राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत बिहार सरकार की राज्य में स्वावलंबी MAITRI (मैत्री) केन्द्रों का गठन की योजना है. हालांकि इसके तहत सरकारी नौकरी की कोई योजना नहीं है. बिहार सरकार का लक्ष्य है कि राज्य में 3,824 मैत्री केन्द्रों का गठन किया जाए. इसके लिए 510 प्रखंड की 3,812 पंचायत का चयन किया गया है. इसका उद्देश्य राज्य के पशुपालकों को प्रशिक्षित स्वावलंबी चलंत कृत्रिम गर्भाधान कर्त्ता द्वारा उनके द्वार पर कृत्रिम गर्भाधान की सुविधा उपलब्ध कराकर गुणवत्ता पूर्ण सीमेन के उपयोग से पशुओं का नस्ल सुधार एवं संवर्धन करना है.
चयन के लिए पात्रता की बात करें तो संबंधित पंचायत का निवासी होना चाहिए. कृत्रिम गर्भाधानकर्ता का चयन पंचायत स्तर पर किया जायेगा). कम से कम 18 वर्ष उम्र होनी चाहिए और शैक्षणिक योग्यता के तौर पर बारहवीं पास होना चाहिए. सरकार के स्तर से चलाये जाने वाले पशु टीकाकरण एवं डीवर्निंग कार्यक्रम में कार्यानुभव रखने वाले व्यक्ति टीकाकर्मी को प्राथमिकता देने हेतु जिला पशुपालन कार्यालय से अनुभव प्रमाण-पत्र निर्गत किया जायेगा.
कैसे होगा चयन, क्या मिलेगा
प्रशिक्षित निजी कृत्रिम गर्भाधान कर्ता (प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र संलग्न करना होगा). कोविड-19 के कारण बेरोजगार हुए व्यक्ति (जिला स्तर पर तैयार की गयी संबंधित सूची का ब्यौरा अंकित करना होगा).
सरकार की योजना द्वारा पशु प्रक्षेत्र में प्रशिक्षित व्यक्ति (RPL/NRLM इत्यादि) प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र अटैच करना होगा.
योजना के तहत पंचायत से बेरोजगार युवकों को चयनोपरांत तीन माह का निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जाना है, जिसमें एक माह का आवासीय प्रशिक्षण एवं दो माह का दक्षेत्र प्रशिक्षण शामिल है.
कृत्रिम गर्भाधान केन्द्रों का गठन चयनित पंचायतों में किया जायेगा. चलंत स्वावलम्बी कृत्रिम गर्भाधान केन्द्रों (MAITRI) के कर्मी प्राइवेट / निजी व्यक्ति होंगे.
उनका प्रखण्डवार चयन मात्र कृत्रिम गर्भाधान के प्रशिक्षण के लिये किया जायेगा तथा इस आधार पर उन्हें राज्य सरकार अथवा बीएलडीए के द्वारा भविष्य में नियमित रोजगार/वेतन देने की सरकार की कोई योजना नहीं है.
MAITRI (मैत्री) के कर्मी कृत्रिम गर्भाधान कर्ता पशुओं का कृत्रिम गर्भाधान कर स्वयं आय प्राप्त करेंगे. कृत्रिम गर्भाधान कर्त्ता से प्रशिक्षण से पहले जमानत राशि के रूप में रूपये 10,000/- (दस हजार) ली जाएगा.
प्रशिक्षण के बाद उन्हें लगभग 50 हजार रुपए मूल्य की सामग्री दी जायेगी तथा विभाग के द्वारा कृत्रिम गर्भाधान में उपयोग होने वाले तरल नाईट्रोजन, फ्रोजेन सीमेन स्ट्रॉ इत्यादि उचित मूल्य पर मुहैया करायी जायेगी. जिसका उपयोग पशुओं के कृत्रिम गर्भाधान के लिए किया जायेगा.
MAITRI (मैत्री) कर्मी कृत्रिम गर्भाधान कर्ता पशुओं के कृत्रिम गर्भाधान हेतु राशि संबंधित पशुपालक से प्राप्त करेंगे एवं स्वयं की आय का सृजन करेंगे.
कृत्रिम गर्भाधान कर्ता से प्रशिक्षण से पहले एक हजार के नॉन ज्यूडीशियल स्टैंप पेपर पर
त्रिपक्षीय एकरारनामा किया जायेगा.
MAITRI कर्मी / कृत्रिम गर्भाधान कर्त्ता के लिए इच्छुक अभ्यार्थियों से ऑनलाईन (Online) आवदेन प्राप्त किया जायेगा.
इसके लिए विभागीय वेबसाइट www.ahd.bih.nic.in पर 01.07.2026 से 10.07.2026 तक लिंक उपलब्ध होगा.
ऑनलाईन आवेदन समर्पित करने वाले अभ्यर्थियों में से विभाग द्वारा निर्धारित योग्यता के आधार पर अंतिम चयन किया जायेगा.
लाभार्थियों से केवल ऑनलाईन आवेदन लिया जायेगा. इसके लिए विभागीय वेबसाइट www.ahd.bih.nic.in पर प्रकाशन की तिथि से 01.07.2026 से 10.07.2026 तक लिंक उपलब्ध होगा.











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