नई दिल्ली. मुर्गी पालन एक बेहतरीन काम है और इसको करके अच्छी कमाई की जा सकती है. मुर्गी पालन से किसान अपनी आय बढ़ा सकते हैं. मुर्गी पालन में अंडा और मीट दोनों को बेचकर कमाई की जाती है. यानि आप अंडा उत्पादन और मांस उत्पादन के लिए इस काम को कर सकते हैं. अच्छी बात ये है कि इसके लिए आपके पास बजट नहीं तब भी घबराने की जरूरत नहीं है. केंद्र सरकार इस काम को शुरू करने के लिए योजनाएं चला रही है. जिसका फायदा उठाकर आप इस काम में आगे बढ़ सकते हैं.
केंद्र सरकार की मुर्गी पालन योजनाओं की बात करें तो पीएम किसान संपदा योजना, राष्ट्रीय पशुपालन मिशन और डेयरी व पोल्ट्री उद्यमिता विकास योजना है. आइए यहां योजनाओं के बारे में जानते हैं.
पीएम किसान संपदा योजना (PMKSY)
इस योजना के तहत पोल्ट्री फार्म, हैचरी, फीड प्लांट, प्रोसेसिंग यूनिट, कोल्ड स्टोरेज आदि पर अनुदान मिलता है.
योजना के जरिए 25 फीसद से लेकर 35 फीसतक तक सब्सिडी दी जाती है.
योजना का लाभ किसान, युवा, महिला उद्यमी, कृषि उत्पादक संगठन (FPD) और स्वयं सहायता समूह (SHG) को मिलेगा.
राष्ट्रीय पशुपालन मिशन (NLM)
ब्रॉइलर, लेयर, देशी मुर्गी पालन इकाई स्थापना पर मदद मिलती है.
चूजा, शेड, उपकरण पर फायदा मिलेगा. अनुदान 25 फीसद तक मिलता है.
फायदे की बात करें तो अच्छी आय का अवसर मिलेगा.
सरकार से आर्थिक सहायता देगी.
तकनीकी प्रशिक्षण एर्व मार्गदर्शन मिलेगा.
बाजार उपलब्ध कराने में सहयोग भी हासिल होगा.
आत्मनिर्भर बनने का सुनहरा मौका है.
नई इकाई स्थापित करने के लिए
डेयरी आौर पोल्ट्री उद्यमिता विकास योजना
वित्तीय सहायता लोन सुविधा इसके तहत मिलती है.
इसमें युवाओं और महिलाओं को प्राथमिकता मिलती है.
सब्सिडी और लोन सहायता परियोजना लागत का 20 से 33 फीसद तक है.
योजना का फायदा कोई भी भारतीय नागरिक ले सकता है.
किसी भी आयु वर्ग के इच्छुक व्यक्ति मिलेगा.
खाली जमीन या शेड उपलब्ध होना चाहिए.
पोल्ट्री व्यवसाव करने की रूचि होनी चाहिए.
आवेदन करने के लिए नजदीकी कृषि विभाग या पशुपालन विभाग जाएं.
आवेदन फॉर्म भरें, दस्तावेजा जमा करें.
निष्कर्ष
एक्सपर्ट का कहना है कि पोल्ट्री पालन अपनाएंगे तो खूब कमाई होगी. पोल्ट्री प्रोडक्ट की डिमांड लगातार बनी रहती है. मीट में चिकन तो सबसे ज्यादा उत्पादित होता है और लगातार लोग इसे खाते हैं. ये काम समुद्रि और आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ाया गया कदम है.












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