नई दिल्ली. बकरी पालन (Goat Farming) में बकरियों को बीमारियों से बचाने के लिए और ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए अब मौजूदा दौर में 3 से 4 फीट ऊंचे एलिवेटेड शेड बनाए जा रहे हैं. जिसके चलते बकरियों का मल मूत्र नीचे गिर जाता है और इससे बकरियां सूखी और साफ जगह पर रहती हैं. नतीजे में बकरियां में कई तरह की बीमारियों का खतरा घट जाता है. जैसे खुर की सड़न भी नहीं होती है और निमोनिया व पेट के कीड़ों जैसी समस्याओं से भी बकरियों को फायदा होता है. नतीजे में बकरियां बेहतर तरीके से खाती पीती हैं और अच्छा उत्पादन करती हैं. जिसके चलते बकरी पालकों का मुनाफा बढ़ जाता है.
गोट एक्सपर्ट कहते हैं कि बकरियों के लिए नए आधुनिक डिजाइन वाले एलिवेटेड या उठे हुए शेड स्वास्थ्य, साफ सफाई और फॉर्म की उत्पादकता में फायदा पहुंचाने के लिए बेहद ही जरूरी हो गए हैं. हालांकि पुराने जमाने में एलिवेटेड शेड जब नहीं थे तो इसकी जगह पर लोग लकड़ी का तख्त इस्तेमाल किया जाता था.
लकड़ी के तख्त के फायदों के बारे में जानें
▶️ बकरियों के शेड में लकड़ी का तख्त, मचान या ऊंचा फर्श बनाने से बकरियों को नमी से होने वाली बीमारियों और ठंड से सुरक्षित रखने में मदद मिलती है.
▶️ जिसको पुराने जमाने के बकरी पालक बहुत पहले ही समझ चुके थे. इसलिए शेड में लकड़ी के तख्त आदि की व्यवस्था की जाती रही है.
▶️ यदि आप बकरी पालन में ज्यादा इन्वेस्ट नहीं करना चाहते हैं और महंगे एलिवेटेड शेड को नहीं खरीदना चाहते तो इस जुगाड़ का इस्तेमाल कर सकते हैं
▶️ गोट फार्म में जमीन में नमी और कीचड़ भी होता है. इसके चलते बकरियां बीमार हो जाती हैं.
▶️ जबकि लकड़ी का तख्त जमीन से ऊंचा होता है. जिससे बकरियां सीधे नमी के संपर्क में नहीं आती हैं.
▶️ जबकि गीले और गंदे फर्श पर रहने की वजह से बकरियों के खुर सड़ने लगते हैं.
▶️ परजीवियों को खतरा बढ़ जाता है. वहीं ऊंचे तख्त से मलमूत्र सीधे नीचे गिर जाता है. इस वजह से इन्हें साफ करना भी आसान होता है.
▶️ एक्सपर्ट कहते हैं कंक्रीट या मिट्टी के ठंडे फर्श की तुलना में लकड़ी के तख्त पर बकरियों के लिए बैठना और सोना ज्यादा आरामदायक भी होता है.
निष्कर्ष
आने वाला मौसम ठंड का है. ठंड के समय में भी इस तरह लकड़ी के तख्त काफी फायदेमंद हो सकते हैं. इसलिए बकरी पालन करने में फायदा मिल सकता है. यदि आपके पास बकरियों की संख्या कम है तो इसे आजमा सकते हैं.












