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Animal Husbandry: मध्य प्रदेश में गोवंश को पोषण से भरपूर सुदाना आहार दिया जाएगा, एमओयू हुआ

मध्य प्रदेश के एक गौशाला में चारा खाती गायें.

नई दिल्ली. मध्य प्रदेश में अब ऐसा नहीं होगा कि गौशालाओं में पल रही गायों को पोषण से भरपूर आहार न मिले. उन्हें जो आहार दिया जाएगा, वो पोषण से भरपूर होगा और इसको खाने से गोवंशों की तमाम जरूरतें पूरी होंगी. असल में पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा मध्य प्रदेश की पंजीकृत गौशालाओं में संरक्षित निराश्रित गोवंश के बेहतर भरण-पोषण एवं पोषण व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है. इसके अंतर्गत प्रदेश की पंजीकृत गौशालाओं गौशालाओं में सुदाना पशु आहार पहुंचाकर उपलब्ध कराया जाएगा.

इसके लिए पिछले दिनों संचालनालय पशुपालन एवं डेयरी विभाग में आयोजित बैठक में पशुपालन एवं डेयरी विभाग, मध्य प्रदेश गौसंवर्धन बोर्ड, मध्यप्रदेश राज्य दुग्ध महासंघ (सांची) तथा मध्य प्रदेश पशुधन एवं कुक्कुट विकास निगम के बीच एमओयू किया गया. अनुबंध के अनुसार, राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सांची दुग्ध महासंघ, भोपाल एवं मध्यप्रदेश पशुधन एवं कुक्कुट विकास निगम द्वारा पंजीकृत गौशालाओं तक सुदाना पशु आहार प्रदाय किया जाएगा. इससे गौशालाओं में प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी.

सुदाना पशु आहार की क्या है खासियत
बात अगर सुदामा पशु आहार की जाए, जिसे सुधा पशु आहार या सुपर सुधा दान के नाम से भी जाना जाता है, ये एक संपूर्ण आहार है.

यह पशुओं के लिए तैयार किया गया एक वैज्ञानिक रूप से संतुलित व पौष्टिक कैटल फीड है.

एक्सपर्ट कहते हैं कि इससे दूध देने वाले पशुओं और गौशालाओं में पल रहे गोवंश की पोषक संबंधी जरूरत को पूरा करने के लिए बनाया गया है.

इस पशु आहार को तैयार करने के लिए मक्का, राइस ब्रान, डीऑल्ड राइस ब्रान, वीट ब्रान यानि गेहूं की भूसी को शामिल किया गया है.

इसके अलावा बिनौला खल और सोयाबीन केक आदि को भी इसमें शामिल किया जाता है. इसलिए कहा जाता है कि इसमें गुणवत्ता वाले तत्वों और पोषक तत्वों का एक सटीक अनुपात है.

इस आहार को बनाने में डीडीजीएस (ड्राइड डिस्टिलर्स ग्रेन सॉल्यूट), खान रब, गुरार चोरमा और बाईपास फैट का भी इस्तेमाल किया जाता है.

इसमें कॉमन सॉल्ट, मिनरल मिक्सचर, कैलसाइट पाउडर, विटामिन ए, डी3, विटामिन ई और एनआयनिक साल्ट आदि प्रचुर मात्रा में मिलाए जाते हैं.

इस आहार की खास बात ये है कि ये हर उम्र और अवस्था के पशु के लिए अलग-अलग आता है.

मिलाल के तौर पर जैसे-प्रेगनेंसी फीड, अर्ली लेक्टेशन फीड, काफ स्टार्टर और काफ ग्रोथ मील आदि.

एमओयू को लेकर हुई इस बैठक में मध्य प्रदेश गौसंवर्धन आश्रित निराश्रित गोवंश के भरण-पोषण की व्यवस्था को और बोर्ड के प्रबंध संचालक एवं पशुपालन एवं डेयरी विभाग के संचालक डॉ. पी.एस. पटेल समेत तमाम लोग मौजूद रहे.

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