नई दिल्ली. सरकार पशुपालन के जरिए किसानों की इनकम को बढ़ाना चाहती है. सरकार का ऐसा मानना है कि किसानों की इनकम बढ़ाने के लिए पशुपालन का काम बेहद ही मुफीद है. अगर किसान कृषि के अलावा पशुपालन भी करें तो इससे उनकी सीधे तौर पर इनकम बढ़ जाएगी. वहीं देश की तरक्की में किसान और ज्यादा हिस्सेदारी ले सकेंगे. इसी वजह से सरकार की ओर से एनिमल हसबेंडरी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड यानि (AHIDF) के तहत आर्थिक मदद की जाती है. ताकि पशुपालन सेक्टर से जुड़ने वालों को धन की कोई दिक्कत ना आए.
असल में बहुत से किसान पशुपालन के काम में इस वजह से भी आगे नहीं आ पाते हैं कि उनके सामने पूंजी की समस्या होती है. जिसको समझते हुए सरकार की ओर से कई योजनाएं चलाई जा रही हैं. ताकि उन्हें पैसों की कमी न हो. उन्हीं में से एक योजना एनिमल हसबेंडरी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड भी है. जिसका फायदा बहुत से किसान ले भी रहे हैं. अगर आप भी इसका फायदा लेना चाहते हैं तो आइए इसकी डिटेल जान लीजिए.
15 हजार करोड़ रुपए हुआ है इंवेस्ट
आपको बता दें कि पशुपालन सेक्टर में सरकार की तरफ से 15 हजार करोड़ के निवेश के साथ डेयरी, मीट प्रोसेसिंग और पशु चारा प्लांट स्थापित करने के लिए सस्ती दरों पर लोन मिलता है. और उसमें भी ब्याज पर छूट दी जाती है.
इस फंड के तहत पशुपालन क्षेत्र में इन कामों को शुरू करने के लिए 90 फीसद तक लोन ले सकते हैं और सरकार इस लोन पर ब्याज में तीन प्रतिशत तक की छूट देती है.
सरकार की तरफ से सभी पात्र संस्थाओं को और किसानों को 8 साल तक तीन प्रतिशत की ब्याज सब्सिडी भी लोन पर मिलता है.
अच्छी बात ये है कि इसमें भी 2 साल तक लोन अदायगी से राहत भी मिलती है. ताकि किसान बेफिक्र होकर अपना बिजनेस खड़ा कर लें और फिर पैसे चुकाना शुरू करें.
अगर आप मिल्क प्रोसेसिंग यूनिट शुरू करना चाहते हैं तो भी इस योजना का फायदा आपको मिल सकता है.
या कोई किसान भाई पशुओं के लिए चारा उत्पादन का प्लांट लगाना चाहता है तो उसे भी इस योजना के तहत फायदा मिलता है.
वहीं गोबर से जुड़े प्लांट को लगाने के लिए भी फायदा मिलेगा. सीएनजी प्लांट लगाने या वेटरनरी फील्ड में भी आने पर भी इसमें फायदा दिया जाता है.
निष्कर्ष
अगर पशुपालन सेक्टर में आने का मन है तो फिर इस योजना का फायदा लेकर अपना बिजनेस शुरू कर सकते हैं और ढेर सारा पैसा कमा सकते हैं.











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