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Animal Husbandry: गौपालन और प्राकृतिक खेती को एक साथ बढ़ावा देगी एमपी सरकार, यहां पढ़ें प्लान

गोवंश के गोबर से संरक्षण केंद्र में बड़ा प्लांट संचालित होता है, जिससे जनरेटर के माध्यम से बिजली बनाई जाती है.
गोशाला में बैठी गाय.

नई दिल्ली. मध्य प्रदेश की मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अगुवाई वाली सरकार अब गौपालन और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए एक साथ काम करेगी. यानि गौपालन से हासिल वेस्ट से प्राकृतिक खेती में जैविक खाद की जरूरत को पूरा किया जाएगा. या इसे समझ सकते हैं कि वेस्ट को प्राकृतिक खेती के लिए जैविक खाद का विकल्प बनाया जाएगा. इसके मद्देनजर पिछले दिनों ​डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ल ने बसामन मामा गो-आश्रय का ​भम्रण किया और कहा कि ये गौशाला अब आसपास के क्षेत्र में प्राकृतिक खेती का केन्द्र बनेगी.

उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती के लिए गौपालन बेहद ही जरूरी है. यही वजह है कि सरकार लगातार गौपालन को बढ़ावा देने का काम कर रही है. इसी कड़ी में पिछले दिनों 19 जिलों को 4500 एकड़ जमीन सिर्फ गौशाला के लिए आवंटित की गई है.

डिप्टी सीएम ने कहा कि कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए भी पशुपालन आवश्यक है. बसामन मामा गो-अभयारण्य में 25 दिसंबर को स्व. प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म-दिन मनाया जाएगा.

इस दिन अभ्यारण्य में प्राकृतिक खेती का सम्मेलन आयोजित किया जाएगा. सम्मेलन में कृषि विशेषज्ञ तथा प्राकृतिक खेती से जुड़े किसान भाग लेंगे.

सम्मेलन क्षेत्र में प्राकृतिक खेती के विकास के प्रयासों को गति देगा. उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि बसामन मामा गो-अभयारण्य में 8 हजार से अधिक निराश्रित गौवंश को आश्रय दिया गया है.

इनके गोबर और गोमूत्र का उपयोग करके आसपास के क्षेत्र को रासायनिक खाद के उपयोग से मुक्त किया जा सकता है.

गो-अभयारण्य में प्राकृतिक खेती और जैविक खेती को बढ़ावा देने के साथ दुधारु पशुओं के नस्ल सुधार, महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं के सशक्तिकरण पर भी बल दिया जा रहा है.

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि 25 दिसंबर को अटलजी के जन्म-दिन पर एक विशाल कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है. इसकी सभी तैयारियां समय पर पूरी कर लें.

निर्माणाधीन भोजन शाला का निर्माण अनिवार्य रूप से पूरा कराएं. गो-अभयारण्य में बिजली की निर्बाध आपूर्ति की व्यवस्था करें.

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