नई दिल्ली. जहां एक ओर देश में अंडा और मछली का उत्पादन बढ़ा है तो वहीं बिहार भी पीछे नहीं रहा है. यहां अंडा और मछली उत्पादन ने बड़ी छलांग लगाई है. सरकारी आंकड़ों की मानें तो साल 2023-24 के मुकाबले 2024-25 में अंडा और मछली के उत्पादन में करीब दस फीसदी बढ़ोतरी दर्ज की है. एक्सपर्ट का कहना है कि ये दस फीसद की बढ़ोत्तरी अंडा और मछली दोनों ही सेक्टर के लिए अच्छी खबर लेकर आई है. आगे चलकर ये सेक्टर और ज्यादा बूम करेगा. इससे पोल्ट्री और फिशरीज सेक्टर से जुड़े लोगों को फायदा होगा.
बता दें कि बिहार में दूध और मांस के उत्पादन में भी चार फीसदी से अधिक का उछाल आया है. अंडा उत्पादन में बिहार का प्रदर्शन राष्ट्रीय औसत से काफी बेहतर रहा है और इसका खुलासा पशुधन से संबंधित सकल मूल्य संवर्द्धन रिपोर्ट से हुआ है. वहीं पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग की अपर मुख्य सचिव एन विजय लक्ष्मी ने नए आंकड़े पर खुशी जाहिर की.
कितना हुआ अंड़ों का उत्पादन
सरकारी आंकड़ों पर गौर करें तो साल 2024-25 में बिहार में अंड़ों का उत्पादन 9.59 लाख टन हो गया है.
इसी तरह, प्रति व्यक्ति मछली की वार्षिक दर के अनुसार बिहार का देश में पहला स्थान रहा है.
2023-24 में प्रति लाख जनसंख्या पर 34,400 अंडा के मुकाबले 2024-25 में 37,838 अंडा का अनुमानित उत्पादन हुआ है.
2024-25 में अंडा उत्पादन में राष्ट्रीय वार्षिक वृद्धि दर 4.44%, जिसके मुकाबले बिहार की वार्षिक वृद्धि दर 9.99 फीसदी रही.
मछली उत्पादन 9.59 लाख टन पहुंचा
मछली उत्पादन में विहार ने 9.85 फीसदी की वृद्धि दर्ज की है. विहार में 2023-24 में मछली का उत्पादन 8.73 लाख टन था.
उपलब्धता भी 8.73 किग्रा से बढ़ कर 9.50 किग्रा हो गयी है. फिश सीड का उत्पादन 44.46 फीसदी और फिंगरलिंग का उत्पादन 24.70 फीसदी बढ़ा है.
निष्कर्ष
एक्सपर्ट का कहना है कि इस तरह के आंकड़े से राज्य में रोजगार में बढ़ोतरी होगी. इस सेक्टर में काम करने से लोगों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी.










