नई दिल्ली. राजस्थान सरकार के गोपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने गोपालन और डेयरी विभाग की समीक्षा बैठक में विभागीय योजनाओं की प्रगति, पशुधन संरक्षण, डेयरी विकास कार्यों, गौशालाओं की मजबूती और आगामी बजट घोषणा पर अधिकारियों के साथ चर्चा की. मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गौवंश संरक्षण से जुड़े कामों को प्रभावी रूप से लागू किया जाए और प्रदेश के प्रत्येक जिला स्तर पर योजनाओं का समय से फायदा आम लोगों तक पहुंचाया जाए. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गोपालन क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और इसी उद्देश्य से विभागीय प्रक्रियाओं में पारदर्शिता तथा गति सुनिश्चित की जा रही है.
उन्होंने डेयरी में खाली पदों को भरने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिया. साथ ही कहा कि पदों के खाली रहने से काम की गति धीमी होती है. उन्होंने अधिकारियों को काम के लिए प्रोएक्टिव होने के निर्देश दिए और कहा कि जल्द से जल्द खाली पदों को भरा जाए.
अफसरों पर हो सकती है कार्रवाई
बैठक डेयरी सेक्टर को लेकर कहा कि डेयरी जनता के लिए है. इसलिए प्रोडक्ट की गुणवत्ता पर खास ध्यान दिया जाए.
साथ ही उत्पाद बनाते और इनकी बिक्री में इस बात का भी विशेष ध्यान रखा जाना बेहद ही जरूरी है.
उन्होंने वित्तीय अनियमितता और वसूली के मामलों की जांच प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा.
इस मामले में ढिलाई बरतने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है.
उन्होंने प्रदेश के सरकारी विभागों, अस्पतालों और रोडवेज के कार्यालयों में डेयरी के आउटलेट खोले जाने की प्रगति की भी जानकारी ली और कहा कि दिल्ली में भी सरस उत्पादों का बाजार बढ़ाया जाए.
बैठक में पशुपालन, गोपालन एवं डेयरी विभाग के शासन सचिव डॉ समित शर्मा ने कहा कि गौशालाओं में प्रजनन योग्य गायों के सेक्स सॉर्टेड सीमन से कृत्रिम गर्भाधान कराने का लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए.
जिससे आने वाले समय में दूध देने वाली उन्नत नस्ल की गायों की संख्या बढ़े और गौशालाएं आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हों. उन्होंने विभागों को पूरी पारदर्शिता और ईमानदारी से काम में तेजी लाने को कहा.










