नई दिल्ली. मीट प्रोडक्शन में भी भारत दुनिया भर के देशों में अच्छी पोजीशन पर है. भारत दुनिया भर में मीट उत्पादन करने वाले देशों में चौथे स्थान पर आता है और देश में साल दर साल मीट उत्पादन के आंकड़े में भी सुधार हो रहा है. इस साल के नए आंकड़ों के मुताबिक भी मीट प्रोडक्शन में इजाफा हुआ है. पिछले दिनों पशुपालन और डेयरी मंत्रालय की ओर से जारी किए गए आंकड़े में ये साफ हो गया कि इस बार भी मीट प्रोडक्शन में भारत ने अपनी स्थिति और मजबूत कर लिया है.
सरकारी आंकड़ों की बात की जाए तो पिछले साल देश में एक करोड़ 25 लाख टन मीट का उत्पादन हुआ था लेकिन इस बार इसमें इजाफा हुआ है. बता दें कि अब नया आंकड़ा एक करोड़ 50 लाख टन तक पहुंच गया है. इसमें 2.46 फीसद की बढ़ोतरी होने की बात कही गई है.
सबसे ज्यादा इसका हुआ प्रोडक्शन
सिर्फ देश में मीट उत्पादन में ही नहीं है बल्कि प्रति व्यक्ति मीट की उपलब्धता में भी सुधार हुआ है. पहले 7 किलो 400 ग्राम मीट की प्रति व्यक्ति उपलब्धता थी जो बढ़कर 7 किलो 500 ग्राम हो गई है.
बता दें कि मीट उत्पादन में पोल्ट्री, बफेलो, बकरा, भेड़ और कैटल के मीट उत्पादन के रिकॉर्ड को जोड़ा जाता है.
सबसे ज्यादा पोल्ट्री चिकन का उत्पादन देश में हुआ है. आंकड़े कहते हैं कि 49 फीसद पोल्ट्री चिकन देश में उत्पादित किया गया है.
वहीं दूसरे नंबर पर बफैलो मीट का उत्पादन देश में हुआ है. भैंस का मीट प्रोडक्शन तकरीबन 19 फीसद दर्ज किया गया है.
तीसरे स्थान पर बकरी के मीट का प्रोडक्शन देश में हुआ है. तकरीबन 15 फीसद बकरी का मीट उत्पादित किया गया है.
वहीं इसके बाद नंबर भेड़ का आता है. देश में 11 फीसद भेड़ का मीट उत्पादित किया गया है. इसके अलावा कैटल मीट का उत्पादन दो फीसद रहा है.
निष्कर्ष
बताते चलें कि सरकार मीट प्रोडक्शन को भी बढ़ावा दे रही है. इससे रोजगार के नए दरवाजे खुल रहे हैं. मीट सेक्टर से जुड़ने पर लोगों को सीधा फायदा हो रहा है.










