Home पशुपालन Animal Husbandry: पशुओं को खुरपका-मुंहपका से बचाने के लिए शुरू हुआ टीकाकरण अभियान
पशुपालनसरकारी स्की‍म

Animal Husbandry: पशुओं को खुरपका-मुंहपका से बचाने के लिए शुरू हुआ टीकाकरण अभियान

livestock animal news
प्रतीकात्मक फोटो:

नई दिल्ली. भारत सरकार की एनएडीसीपी के तहत पशुपालन विभाग द्वारा खुरपका-मुंहपका वायरल रोग (माउथ एंड फुट डिसीज) से बचाने के लिए वैक्सीनेशन की जनवरी 2026 से शुरुआत कर दी गई है. गाय, भैंस और बकरियों का टीकाकरण किया जाएगा. 1 जनवरी से फरवरी तक यह अभियान चलाया जाएगा. इससे पहले 1 जुलाई 2025 को 6वां चरण शुरू हुआ था. 2026 में वैक्सीनेशन का यह 7वां चरण है. अफसरों ने बताया कि खुर वाले सभी पशुओं को खुरका-मुंहपका वायरल से बचाने के लिए टीकाकरण अभियान की शुरूआत हो गई है. इस दौरान डेढ़ महीने तक पशुओं का वैक्सीनेशन किया जाएगा.

सभी पशुपालकों को अपने गाय, भैंस और बकरियों का टीकाकरण कराना जरूरी है, जिससे इन पशुओं को इस रोग से बचाया जा सके. कई पशुपालकों की ये सोच है कि इससे दुधारू पशुओं में दूध की कमी हो जाती है, इसलिए वो टीकाकरण नहीं कराते हैं. जबकि उन्हें जागरुक भी किया जाएगा. असल में लंपी वायरस के दौरान वैक्सीनेशन किया जा रहा था. उस दौरान भी कई पशुपालकों द्वारा पशुओं का वैक्सीनेशन नहीं करवाया था.

दूध में नहीं होती है कमी
एक्सपर्ट का कहना है कि पशुओं को रोगों से बचाने के लिए टीकाकरण किया जाता है. टीकाकरण कराने से दुधारू पशुओं के दूध में किसी तरह की कमी नहीं होती है.

खुरपका-मुंहपका (एमएफडी) खुर वाले पशुओं में फैलने वाला एक वायरल रोग है. इस रोग से बचाने के लिए टीकाकरण की एकमात्र उपाय है.

पशुपालन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि खुरपका-मुंहपका रोग से बचाने के लिए 4-6 माह की आयु के पशुओं को पहला टीका लगाया जाता है.

इसके बाद हर 6 महीने में टीकाकरण जरूरी है. जुलाई 2025 में 6वें चरण की शुरुआत हुई थी. 1 जनवरी 2026 से 7वें चरण की शुरूआत हो गई है.

1 जनवरी 2026 से खुरपका-मुंहपका वायरल रोग की रोकथाम के लिए टीकाकरण अभियान की शुरूआत हो गई है. 15 फरवरी तक यह अभियान चलाया जाएगा.

निष्कर्ष
अगर आप पशुओं को वैक्सीन लगवाते हैं तो वो बीमारी से बच जाएंगे. इससे किसी भी तरह का नुकसा नहीं होता है. इससे किसी तरह दुधारू पशुओं के दूध में कमी नहीं होती है.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

The State-wise number of coastal fishermen villages for development as Climate Resilient Coastal Fishermen Villages are envisaged in proportion to the total number of coastal fishermen villages in the State and at present
मछली पालनसरकारी स्की‍म

Fisheries: जलीय कृषि बीमा से मछली पालन में नुकसान की होती भरपाई

नई दिल्ली. जलीय कृषि बीमा यानि एक्वाकल्चर इंश्योरेंस एक तरह की वित्तीय...

सीता नगर के पास 515 एकड़ जमीन में यह बड़ी गौशाला बनाई जा रही है. यहां बीस हजार गायों को रखने की व्यवस्था होगी. निराश्रित गोवंश की समस्या सभी जिलों में है इसको दूर करने के प्रयास किया जा रहे हैं.
पशुपालन

World Veterinary Day: 2030 तक एफएमडी और ब्रूसेलोसिस बीमारी देश से हो जाएगी खत्म !

नई दिल्ली. सरकार पशुपालन को बढ़ावा देना चाहती है और इसमें सबसे...

Animal Husbandry: Farmers will be able to buy vaccines made from the semen of M-29 buffalo clone, buffalo will give 29 liters of milk at one go.
पशुपालन

Animal Husbandry: पशु के लिए सुरक्षा कवच है खनिज मिश्रण, आहार में प्रोटीन भी है अहम

नई दिल्ली. पशुपालन में अगर ज्यादा फायदा कमाना है तो इस बात...

पशुपालन

Animal News: पशु पॉलीथीन खा ले तो भूख न लगना और पेट दर्द जैसी समस्या होती है, जान भी जा सकती है

नई दिल्ली. अक्सर आपने बेसहारा पशुओं को सड़क किनारे पॉलीथीन में घरों...