नई दिल्ली. देश के कई राज्यों में निराश्रित गायों की समस्या है. गोवंश इधर-उधर बेसहारा टहलते घूमते रहते हैं. जिसके चलते न सिर्फ किसानों की फसल बर्बाद हो रही है. बल्कि हाईवे पर गोवंश के टहलने की वजह से एक्सीडेंट भी होता है. जिसमें गोवंश की भी जान जाती है और आम इंसानों की भी जान चली जाती है. जिसको लेकर सरकारें काम तो कर हैं. इसी कड़ी में मध्य प्रदेश सरकार निराश्रित गोवंश के संरक्षण का संकल्प पहले ही ले चुकी है और इसके लिए सरकार की तरफ से मजबूत कदम उठाए जा रहे है
ताकि गोवंश को आसरा दिया जा सके और वह इधर-उधर बेसहारा न घूमें. जिससे उनसे होने वाली दिक्कतें भी दूर हो जाएं जबकि गोवंश का भी अच्छी तरह से ख्याल रखा जा सके. मध्य प्रदेश की डॉ मोहन यादव के नेतृत्व वाली सरकार के पशुपालन एवं डेयरी विभाग की ओर से गौशालाओं को समृद्ध बनाने का काम किया जा रहा है. जिसकी वजह से निराश्रित गोवंश के संरक्षण का संकल्प साकार होने की ओर तेजी के साथ बढ़ रहा है.
सरकार ने और क्या कदम उठाया, जानें यहां
सरकार की ओर से ऐसे कई कदम उठाए गए हैं. जिससे इस काम को आसानी से किया जा रहा है और बेसहारा गायों को सहारा मिल रहा है.
सीएम डॉ. मोहन यादव के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2025—26 में गौशालाओं को समृद्ध बनाने के लिए सरकार की तरफ से दी जाने वाली रकम को दोगुना कर दिया गया है.
सरकार ने पिछले साल जहां इस काम के लिए 250 करोड़ रुपए खर्च करने का ऐलान किया था, वहीं वह इस बार इसे बढ़ा दिया गया है.
सरकार की तरफ से कहा गया है कि इस साल गौशालाओं को समृद्ध बनाने के लिए 550 करोड़ रुपए सरकार की ओर से दिए जाएंगे.
इसके अलावा सरकार की तरफ से प्रति गाय अनुदान राशि भी दी जाती है. जिसे सरकार की ओर से डबल कर दिया गया है.
पहले सरकार प्रति गाय अनुदान राशि 20 रुपए देती थी. यानी एक गाय पर हर दिन 20 खर्च रुपए खर्च किया जाता था. अब इसे बढ़कर 40 रुपए कर दिया गया है.
ताकि गौशालाओं के संचलाकों को और आसानी हो सके और वो गौशाला में गोवंश की देखभाल और अच्छे ढंग से कर सकें.
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि प्रदेश में तकरीबन 3000 गौशालाएं संचालित की जा रही हैं. जिसमें 7.45 लाख गायों की सेवा की जा रही है.











