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Animal Husbandry: जिन गायों को पीएम मोदी खिला रहे थे चारा क्या उस नस्ल के बारे में जानकारी है आपको

PM Modi fed fodder to Punganur on Makar Sankranti livestockanimalnews
गोशाला में पुंगनूर गाय के बछड़े

नई दिल्ली. मकर संक्राति पर पीएम मोदी की तस्वीर वायरल हुई, जिसमें वे खूबसूरत गायों को चारा खिलाते नजर आ रहे थे. जिन गाय और सांड़ को पीएम मोदी चारा खिला रहे थे वे अन्य गायों से छोटी होने के साथ ही बेहद सुंदर भी.अब लोगों के जहन में होगा कि ये गाय हर जगह तो नजर नहीं आती. पीएम मोदी के साथ दिख रहीं गायों की तस्वीर देखकर लोगों में जिज्ञासा जागृत हुई कि ये कौनसी गाय है, तो हम बता दें कि ये खास नस्ल की पुंगनूर गाय है, जो दक्षिण भारत में पाई जाती है.

आंध्र प्रदेश में हो रहा इस नस्ल पर काम
इस गाय की नस्ल पर आंध प्रदेश के काकीनाडा में एक डॉक्टर ने लगातार 14 साल काम किया. काम करने के बाद इसकी नस्ल में सुधार किया गया. पुंगनूर गाय को अन्य गायों में सबसे छोटे की कद की गाय माना जाता है. सामान्यतौर पर इसकी ऊंचाई तीन से पांच फीट के बीच होती है जबकि लघु पुंगनुर की ऊंचाई ढाई फीट होती है. जबकि काकीनाडा के डॉक्टर कृष्णम राजू ने नस्ल सुधार के बाद ढाई फीट की पुंगनूर गाय को विकसित किया है. वे नाड़ीपति नाम से एक गोशाला का संचालन भी करते हैं.

जन्म के दौरान इसकी ऊंचाई महज 7 से 12 इंच
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार डॉक्टर कृष्णम राजू ने बताया कि पुंगनूर गाय दुनिया में सबसे खूबसूरत गायों में शामिल है. जब इसका जन्म होता है तो उसकी ऊंचाई महज 16 से 22 इंच तक होती है और लघु पुंगनूर की ऊंचाई महज 7 से 12 इंच तक होती है. डॉक्टर राजू बताते हैं कि पुंगनूर गाय की नस्ल 112 साल पुरानी नस्ल है जबकि मिनिएचर पुंगनूर का 2019 में विकसित किया गया.

वैदिक काल में भी ये नस्ल
उन्होंने बताया कि असली पुंगनूर वैदिक काल में ऋषि वशिष्ठ और विश्वामित्र के समय भी थी. जलवायु परिवर्तन और स्थान के बदलते ही पुंगनूर की ऊंचाई भी बढ़ती चली गई. पहले भी इस गाय की ऊंचाई ढाई से तीन फीट होती थी और पुंगनूर को ब्रह्मा नस्ल कहा जाता था. पुंगनूर गाय के दूध में वसा की मात्रा अधिक होती है. इसका दूध औषधीय गुणों से भरपूर होता है. पुंगनूर नस्ल के दूध में 8 प्रतिशत वसा होता है जबकि​ सामान्य गायों के दूध में वसा की मात्रा 3 से 3.5 प्रतिशत तक ही होती है.

पुंगनूर गाय कम मात्रा में देती है दूध
डॉक्टर कृष्णम राजू ने बताया कि पुंगनूर गाय दुनिया में सबसे खूबसूरत गायों में शामिल है. हालांकि ये गाय दूध कम मात्रा में देती है. पुंगनूर गाय औसतन 1-3 लीटर दूध ही रोजाना दे पाती है. जबकि ये गाय प्रत्येक दिन करीब पांच किलो चारा खा जाती है.

पुंगनूर गाय में तीसरी सबसे कम संख्या वाली नस्ल
डॉक्टर राजू बताते हैं कि पशुधन जनसंख्या-2013 के मुताबिक, आंध्र प्रदेश में पुंगनूर गायों की संख्या सिर्फ 2,772 थी, जब इस पर काम हुआ तो 2019 में की गई 20वीं पशुधन जनगणना और‍ एनबीएजीआर के आंकड़ों के अनुसार पुंगनूर गायों की संख्या 13275 हो गई है. गौरतलब है कि पुंगनूर भारत में सबसे कम संख्या वाली गायों की नस्लों में तीसरे नंबर है. जबकि सबसे कम 5264 बेलाही नस्ल की गाय है और दूसरे नंबर 13934 पणिकुलम गाय

Written by
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