Home पशुपालन UP News: यूपी का एक ऐसा गांव जहां गोबर से बनाई बिजली
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UP News: यूपी का एक ऐसा गांव जहां गोबर से बनाई बिजली

गोवंश के गोबर से संरक्षण केंद्र में बड़ा प्लांट संचालित होता है, जिससे जनरेटर के माध्यम से बिजली बनाई जाती है.
गोशाला में बैठी गाय.

नई दिल्ली. कुछ करने का जज्बा हो तो हर चीज संभव है. पहली बार ग्राम पंचायत अहिरवा की कमान कुलदीप के हाथों आई तो वे विकास के लिए पीछे नहीं हटे. उन्होंने पंचायत क्षेत्र में जमकर विकास कार्य कराए. जिले में सबसे ज्यादा बेसहारा गोवंश को इस पंचायत में सहारा मिल रहा है तो गाय के गोबर से बिजली बनाने का भी काम भी चल रहा है. चार साल के कार्यकाल के दौरान युवा प्रधान ने गांव की दिशा और दशा बदल डाली. फ्री वाईफाई से विद्यार्थियों को पढ़ने के लिए किताबें भी मिलती हैं. सुल्तानगंज क्षेत्र की ग्राम पंचायत अहिरवा के प्रधान बनने के बाद बीएससी शिक्षित युवा कुलदीप यादव ने कई विकास कार्य कराए हैं. चार साल के दौरान मुख्य गांव समेत छह अन्य मजरों में करीब 50 पक्के सीसी-इंटरलाकिंग मार्ग बनाए गए.

चार प्राइमरी और दो जूनियर स्कूलों में टाइल्सीकरण कराया, छात्रों के लिए टॉयलेट और पीने के पानी का इंतजाम कराया. छात्रों के पढ़ने के लिए फर्नीचर की भी व्यवस्था कराई. एक स्कूल में सोलर लाइट भी लगवाई. पंचायत सचिवालय और सामुदायिक शौचालय बनवाया.

गोसंरक्षण केंद्र भी बना: प्रधान कुलदीप यादव के प्रयास से पंचायत क्षेत्र के गांव नगला दीपा में बड़ा गोसंरक्षण केंद्र स्थापित हुआ. इस समय यहां करीब 418 बेसहारा गोवंश हैं. इन्हीं गोवंश के गोबर से संरक्षण केंद्र में बड़ा प्लांट संचालित होता है, जिससे जनरेटर के माध्यम से बिजली बनाई जाती है. इस बिजली का इस्तेमाल रोशनी और गोवंश के लिए पंखे चलाने के साथ चारा काटने की मशीन के लिए होता है. यूनिट में वर्मी कंपोस्ट खाद भी बन रही है. प्रधान कुलदीप सिंह ने अमृत सरोवर बनवाया है, जहां वोटिंग की भी व्यवस्था है. हरियाली से हरा भरा सरोवर के समीप बांस की काटेज बनाई है. पेयजल के लिए दो टंकियों का निर्माण चल रहा है, जबकि पाइप लाइन बिछाने का काम पूरा हो गया है. जल्द ही ग्रामीणों को द्वार तक पीने के लिए मीठे पानी का प्रबंध होगा.

डांस सीख रहे बच्चे: गांव के बच्चे डांस में पारंगत हों, इसके लिए प्रधान नृत्य की कक्षा संचालित कराते हैं. मैनपुरी का एक युवक और गांव की युवती इन बच्चों को डांस की बारीकी सिखाते हैं. इसके लिए म्यूजिक सिस्टम का भी प्रबंध है. वहीं, विद्यार्थियों के लिए डा. भीमराव आंबेडकर पुस्तकालय संचालित कराया जा रहा है. जहां निश्शुल्क वाईफाई के साथ जरूरी पुस्तकें हैं. अहिरवा के प्रधान कुलदीप यादव बताते हैं कि खेल का मैदान बनाने का काम कराएंगे, इसके लिए प्रस्ताव भेजा जा चुका है. वे एक साल के शेष कार्यकाल में बलिदानी सुनील कुमार की स्मृति में ओपन जिम-समाधि स्थल बनाने के अलावा पीपल वाटिका विकसित कराएंगे.

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