नई दिल्ली. मध्य प्रदेश में दूध उत्पादन को बढ़ावा देने और पशुपालकों व किसानों को आधुनिक तकनीकों के माध्यम से पशुओं के संतुलित आहार प्रबंधन की जानकारी उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कुशल नेतृत्व में पशुपालन और डेयरी विभाग लगातार इनोवेशन कर रहा है. इसी क्रम में विभाग द्वारा ‘गोरस मोबाइल एप’ विकसित किया गया है. यह एप पशुपालकों को वैज्ञानिक आधार पर पशुओं के आहार प्रबंधन की सटीक जानकारी उपलब्ध कराएगा. इस ऐप के उपयोग से पशुओं का स्वास्थ्य बेहतर होगा तथा दुग्ध उत्पादन में वृद्धि होगी.
बताया जा रहा है कि इससे पशुपालकों की आय में भी बढ़ोतरी होगी. जिससे पशुपालक समृद्ध होंगे. प्रदेश के पशुपालक और किसान गूगल प्ले स्टोर से इस ऐप को आसानी से डाउनलोड कर सकते हैं.
ऐप विकसित करने का उद्देश्य
मध्य प्रदेश में दो करोड़ से अधिक गायों और भैसों का पालन किया जाता है, लेकिन अधिकांश पशुपालक अभी भी पारंपरिक तरीके से पशुओं को आहार देते हैं.
वैज्ञानिक पद्धति से संतुलित पोषण न मिलने के कारण पशुओं की उत्पादन क्षमता प्रभावित होती है. इसके नतीजे में दूध उत्पादन में 20 से 30% तक की कमी आती है.
पशुपालकों की इन समस्याओं के समाधान के लिए पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा ‘गोरस मोबाइल ऐ विकसित किया गया है.
पशुपालक जैसे ही अपने पातु से संबंधित जानकारी, जैसे नस्त. वजन, दुग्ध उत्पादन, दुग्ध उत्पादन का चरण तथा वर्तमान पशु आहार आदि दर्ज करेंगे, ऐप उनके पशु के लिए संतुलित आहार की मात्रा और प्रकार की जानकारी उपलब्ध कराएगा.
इसके साथ ही पेप यह भी बताएगा कि आहार प्रबंधन में सुधार करने पर एक ब्यांत के दौरान पशुपालक को कितना आर्थिक लाभ हो सकता है.
ऐप वर्तमान में दिए जा रहे आहार के कारण होने वाले संभावित नुकसान की जानकारी भी देगा.
विभाग की यह पहल प्रदेश में वैज्ञानिक पशुपालन को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है.
पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वार विकसित ‘गोरस’ मोबाइल ऐप गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है.
यह ऐप पूरी तरह निःशुल्क है. पशुपालक एवं किसान इसे अपने मोबाइल फोन में डाउनलोड कर विभिन्न प्रकार की उपयोगी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं.
यह ऐप पूरी तरह से हिंदी भाषा में विकसित है, जो गाय एवं भैसों के लिए संतुलित आहार संबंधी सुझाव प्रदान करता है.
साथ ही. उपलब्ध चारे के संयोजन के आधार पर अधिकतम दुग्ध उत्पादन और न्यूनतम लागत का दर्शाता है. इंटरनेट कनेक्टिविटी के बिना भी यह कार्य करने में सक्षम है.
सबसे खास बात यह है कि ये ऐप 28 से अधिक स्थानीय चारे की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराता है.
मौसम विशेषकर गर्मी तथा गर्भावस्था की स्थिति के अनुसार स्वचालित सुझाव देता है.
गिर, सहीवाल, थारपारकर, मुरां, भदावरी एवं संकर नस्लों के लिए अलग-अलग मार्गदर्शन उपलब्ध कराता है.
इसके अलावा पशुपालकों को संभावित आर्थिक लाभ का आकलन प्रदान करता है और अवर्णित गायों एवं भैसों के लिए नस्ल सुधार संबंधी सलाह देता है.
‘गौरस’ मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए पशुपालकों को अपने मोबाइल के गूगल प्ले स्टोर पर जाना होगा. यहा ‘गोरस ऐप’ सर्च करें.
ऐप दिखाई देने पर उसे डाऊनलोड करें. डाउनलोड होने के बाद इंस्टॉलेशन की अनुमति दें और ‘इंस्टॉल’ विकल्प पर क्लिक करें.
आवश्यक सुरक्षा अनुमति प्रदान करने के बाद ऐप को खोलकर उपयोग किय जा सकता है.
निष्कर्ष
पशुपालकों को पशुओं के पोषण संबंधी जानकारी मोबाइल पर उपलब्ध कराने तथा वैज्ञानिक पद्धति से पशुपालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभाग द्वारा ‘गोरस’ मोबाइल ऐप विकसित कराया गया है. उन्होंने बताया कि यह पेप सरल एवं सहज हिंदी भाषा में तैयार किया गया है और गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है.












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