नई दिल्ली. राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड NDDB और नेशनल कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के चेयरमैन डॉ. मीनेश सी. शाह और असम राइफल्स के डायरेक्टर जनरल लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेरा, AVSM, SM की उपस्थिति में, NCDFI और असम राइफल्स-सेंटिनल्स ऑफ द नॉर्थ ईस्ट के बीच एक MoA (समझौता ज्ञापन) पर हस्ताक्षर किए गए. इस समझौते का उद्देश्य असम राइफल्स को दूध और दूध से बने उत्पादों की खरीद और आपूर्ति के माध्यम से दोनों संगठनों के बीच सहयोग को मजबूत करना है. इस समझौते पर असम राइफल्स के डायरेक्टरेट जनरल में ब्रिगेडियर (प्रशासन) ब्रिगेडियर सचिंदर तिवारी, SM और NCDFI के MD श्री श्रीनिवास सज्जा ने हस्ताक्षर किए.
इस अवसर पर NDDB, NCDFI, असम राइफल्स और डेयरी सहकारी समितियों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे. अपने स्वागत भाषण के दौरान, NDDB के चेयरमैन ने 1985 से रक्षा संस्थानों के साथ NDDB और NCDFI के लंबे समय से चले आ रहे जुड़ाव पर प्रकाश डाला. इस जुड़ाव की शुरुआत दूध की आपूर्ति से हुई थी और बाद में इसका विस्तार डेयरी उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला तक हो गया. इसी अनुभव के आधार पर, उन्होंने असम राइफल्स के साथ हाल ही में हुई साझेदारी का उल्लेख किया.
दूध और डेयरी उत्पादों की आपूर्ति होगी
इस साझेदारी के तहत, डेयरी सहकारी समितियों के माध्यम से पूर्वोत्तर के सात राज्यों में स्थित असम राइफल्स की 72 इकाइयों के साथ-साथ कोलकाता और दिल्ली में स्थित प्रतिष्ठानों को दूध और डेयरी उत्पादों की आपूर्ति का समन्वय किया जाएगा.
डॉ. शाह ने कहा कि इस तरह की साझेदारियाँ न केवल पूर्वोत्तर में डेयरी सहकारी समितियों और किसानों को सुनिश्चित बाजार संपर्क (market linkages) प्रदान करती हैं.
बल्कि रक्षा कर्मियों को ताजे और गुणवत्तापूर्ण डेयरी उत्पादों की आपूर्ति भी सुनिश्चित करती हैंं. उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि दूध की उपभोक्ता कीमत का लगभग 80% हिस्सा वापस डेयरी किसानों के पास ही जाता है.
इसी संदर्भ में, उन्होंने मदर डेयरी के ‘सफल स्टोर्स’, ‘सफल प्रोडक्ट्स’ और ‘नेशनल कोऑपरेटिव ऑर्गेनिक्स लिमिटेड’ के माध्यम से फलों, सब्जियों और जैविक उत्पादों के लिए भी इसी तरह के बाजार संपर्कों का विस्तार करने की संभावनाओं पर प्रकाश डाला.
अपने संबोधन के दौरान, असम राइफल्स के DG लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेरा, AVSM, SM ने असम राइफल्स को पौष्टिक दूध और डेयरी उत्पादों की आपूर्ति को सुगम बनाने के लिए NDDB और NCDFI को धन्यवाद दिया, और इस सहयोग के और अधिक विस्तार की आशा व्यक्त की.
भारत की ‘श्वेत क्रांति’ में NDDB की अग्रणी भूमिका को स्वीकार करते हुए, उन्होंने पूर्वोत्तर में फलों और सब्जियों की आपूर्ति तथा मूल्य श्रृंखलाओं (value chains) को विकसित करने में भी NDDB से सहयोग मांगा.
इसका उद्देश्य स्थानीय किसानों को लाभ पहुँचाना, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और प्रधानमंत्री के ‘सहकार से समृद्धि’ के विजन के अनुरूप असम राइफल्स के कर्मियों के लिए गुणवत्तापूर्ण उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है.












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