नई दिल्ली. देश में दूध उत्पादन बढ़ाए जाने पर लगातार काम किया जा रहा है और दूध उत्पादन बढ़ भी रहा. वहीं राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड NDDB की तरफ से पशुओं की नस्ल सुधार के लिए भी काम किया जा रहा है. ताकि प्रति पशु उत्पादन क्षमता को और ज्यादा बढ़ाया जा सके. इसी कड़ी में एनडीडीबी के चेयरमैन डॉ. मीनेश शाह ने हिम्मतनगर के साबरकांठा मिल्क यूनियन (सबर डेयरी) में नई IVF–ET लैबोरेटरी के लिए भूमि पूजन किया. अफसरों ने बताया कि ये नई सुविधा डेयरी किसानों के लिए इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन और एम्ब्रियो ट्रांसफर (IVF-ET) सर्विस को इंडिपेंडेंटली देने की यूनियन की कैपेसिटी को मजबूत करने में एक बड़ा कदम है.
इस मौके पर साबर यूनियन के वाइस चेयरमैन ऋतुराजभाई पटेल, साबर मिल्क यूनियन के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. सुभाष पटेल, साबर मिल्क यूनियन के बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स और NDDB और यूनियन के सीनियर अधिकारी मौजूद थे. बताते दें कि पशुपालन में इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन (IVF) और एम्ब्रियो ट्रांसफर (ET) से आनुवंशिक सुधार में तेजी आती है.
पशु उत्पादन की क्षमता बढ़ेगी
अफसरों ने बताया कि इस सविधा से ज्यादा उत्पादन वाले बच्चे मिलते हैं. बांझ या कम प्रजनन क्षमता वाली मादाओं से भी बच्चे लिए जा सकते हैं.
वहीं एनडीडीबी ने किसानों के लिए डेयरी को ज्यादा सस्टेनेबल और फायदेमंद बनाने के लिए एनिमल प्रोडक्टिविटी बढ़ाने को प्राथमिकता दी है.
वे फील्ड में एडवांस्ड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी (ART) को बढ़ाने के लिए हब-एंड-स्पोक मॉडल के जरिए पूरे गुजरात में मिल्क यूनियनों के साथ कोलेबोरेट कर रहे हैं.
साबर मिल्क यूनियन पहले ही 1,600 से ज्यादा एम्ब्रियो ट्रांसफर कर चुका है, जिससे किसानों के घर पर करीब 245 प्रेग्नेंसी हुई है.
यूनियन के चार जानवरों के डॉक्टरों को एनडीडीबी ने IVF-ET प्रोसीजर में ट्रेनिंग दी है, जिससे लोकल लेवल पर इसे लागू करने और किसानों तक पहुंचने में मदद मिलेगी.
अधिकारियों ने कहा कि ये विकास एनडीडीबी और सबर मिल्क यूनियन के बीच पक्की पार्टनरशिप और गुजरात में बेहतर डेयरी प्रोडक्टिविटी और किसानों की भलाई के लिए साइंटिफिक तरक्की का फायदा उठाने के उनके कॉमन कमिटमेंट को दिखाता है.










