Home डेयरी Dairy: बिहार के इस जिले में अब होगी मिल्क प्रोसेसिंग, सीएम ने रखी बुनियाद, इस शुरुआत से छात्रों को होगा फायदा
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Dairy: बिहार के इस जिले में अब होगी मिल्क प्रोसेसिंग, सीएम ने रखी बुनियाद, इस शुरुआत से छात्रों को होगा फायदा

कार्यक्रम में मौजूद बिहार के सीएम नीतीश कुमार व अन्य लोग.

नई दिल्ली. बिहार के मुंगेर जिले में मदर डेयरी (Mother Dairy) के डेयरी प्लांट का शिलान्यास बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया. इस दौरान पशुपालन और डेयरी एवं पंचायती राज मंत्रालय के मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह समेत तमाम लोग मौजूद रहे. सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि बेहद खुशी की बात है कि एनडीडीबी की सहायक कंपनी मदर डेयरी द्वारा मुंगेर जिले के जमालपुर में दूध प्रोसेसिंग प्लांट की स्थापना की जा रही है, जिसका आज शिलान्यास हुआ है. इस मौके पर गिफ्ट मिल्क परियोजना का भी शिलान्यास किया गया है जिसके तहत मुंगेर और लखीसराय के लगभग 6500 विद्यार्थी लाभान्वित होंगे. मुख्यमंत्री ने बताया कि इन योजनाओं से बिहार के छह जिलों—मुंगेर, जमुई, बांका, लखीसराय, भागलपुर और जहानाबाद के पशुपालकों को फायदा होगा.

उन्होंने केंद्र सरकार के सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि माननीय केंद्रीय मंत्री और मंत्रालय के सभी अधिकारियों के प्रयासों से ही यह संभव हो पाया है. उन्होंने आगे कहा कि बिहार में बड़े पैमाने पर पशुपालन और मत्स्य उत्पादन पर जोर दिया जा रहा है, जिसके नतीजे में उत्पादन में खूब इजाफा हो रहा है. शिलान्यास के मौके पर डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, केंद्रीय मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल, जॉर्ज कुरियन, वर्षा जोशी, अपर सचिव, मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय और राष्ट्रीय डेरी विकास बोर्ड और मदर डेयरी के अध्यक्ष डॉ. मीनेश शाह भी मौजू रहे.

केंद्रीय मंत्री ने गिनाए फायदे
इस दौरान राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने कहा कि आज का दिन बिहार के कृषि और मिल्क सेक्टर के इतिहास में एक नए युग की शुरुआत है.

उन्होंने बताया कि इस अवसर पर महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शुभारंभ राज्य के आर्थिक विकास में मील का पत्थर साबित होगा.

इनमें जमालपुर में 225 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला अत्याधुनिक मदर डेयरी प्रोसेसिंग प्लांट, एनडीडीबी फाउंडेशन फॉर न्यूट्रीशन की गिफ्ट मिल्क परियोजना भी शामिल हैं.

गिफ्ट मिल्क कार्यक्रम के तहत बिहार के मुंगेर एवं लखीसराय जिले में सरकारी स्कूलों के हजारों बच्चों को पोषक फ्लेवर्ड दूध उपलब्ध कराया जाएगा.

उन्होंने यह भी बताया कि राष्ट्रीय डेरी विकास कार्यक्रम के तहत पटना में आठ करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक राज्यस्तरीय केन्द्रीय प्रयोगशाला स्थापित की गई है, जो दूध एवं दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता जांच कर उपभोक्ताओं के विश्वास को और मजबूत करेगी.

मंत्री ने कहा कि डेयरी क्षेत्र ग्रामीण भारत की आर्थिक रीढ़ है और बिहार जैसे कृषि प्रधान राज्य में यह छोटे और सीमांत किसानों को स्थायी आय का स्रोत प्रदान कर रहा है.

मंत्री ने कहा कि बिहार के मिल्क प्रोड्यूसर कंपनियां हजारों किसानों, विशेषकर महिलाओं को सीधे बाजार से जोड़ रही हैं.

जमालपुर का नया डेयरी प्लांट इन्हीं संस्थाओं के लिए एक सशक्त सहारा बनेगा. उन्होने एनडीडीबी को भी इस पहल के लिए भी धन्यवाद दिया.

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