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Animal Husbandry: राजस्थान में अफसरों को 31 मार्च तक 21 लाख पशुओं का बीमा करने का मिला टारगेट

पशु को पानी से भरे गड्ढे में रखना चाहिए या पूरे शरीर को ठंडा पानी का छिड़काव करते रहना चाहिए. शरीर के तापमान को कम करने वाली औषधि का प्रयोग भी कर सकते हैं.
पानी में खड़ी भैंसों की तस्वीर.

नई दिल्ली. राजस्थान के पशुपालन, मत्स्य, डेयरी एवं गोपालन शासन सचिव डॉ. समित शर्मा की अध्यक्षता में सचिवालय में विभाग की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई. जहां पशुपालन से जुड़े हर एक अहम मसले पर चर्चा हुई. बैठक के दौरान राज्य में पशुओं का बीमा कराए जाने को लेकर उन्होंने अफसरों के सामने टारगेट रखा. कहा कि हर हाल में 31 मार्च तक 21 लाख पशुओं का बीमा करा दिया जाए. हालांकि उन्होंने अभी तक की प्रगति पर संतोष भी व्यक्त किया है और इसी गति को बनाए रखने के निर्देश दिए.

शासन सचिव को मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना की प्रगति के बारे में बताते हुए अधिकारियों ने जानकारी दी कि वर्ष 2025-26 में अब तक 4 लाख 63 हजार पशुपालकों के 10 लाख 32 हजार पशुओं का पंजीकरण कराया जा चुका है. जिनमें से 2 लाख 76 हजार पशुपालकों के 5 लाख 53 हजार पशुओं के स्वास्थ्य प्रमाण पत्र जारी हो चुके हैं साथ ही 2 लाख 39 हजार पशुपालकों के 5 लाख 21 हजार पशुओं की बीमा पॉलिसी जारी हो चुकी है.

दो पशु चिकित्सक किए जाएंगे निलंबित
शासन सचिव ने इस प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि सख्ती और समन्वय के बीच तालमेल बिठाते हुए हमें 31 मार्च तक 21 लाख पशुओं के बीमा का लक्ष्य पूरा करना है.

विभाग के निदेशक डॉ. सुरेश मीना ने अपने लक्ष्य को पूरा करने के लिए जिलाधिकारियों से जिले में उपलब्ध सभी संसाधनों का इस्तेमाल करने को कहा है.

उन्होंने निर्धारित लक्ष्य को समय पर पूरा करने के लिए पूरी निष्ठा, ईमानदारी और लगन से प्रयास करने पर जोर दिया.

वहीं शासन सचिव ने कहा कि विभाग में भ्रष्टाचार कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

उन्होंने हाल ही एंटी करप्शन ब्यूरो द्वारा की गई ट्रैप कार्यवाही में पेंडिंग बिल पास करने के लिए रिश्वत की राशि लेने वाले नगर निगम में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत दो पशु चिकित्सकों को तत्काल निलंबित करने के निर्देश दिए.

उन्होंने कहा कि अगर कहीं से भी इस तरह की कोई शिकायत आती है तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी.

उन्होंने विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से भी इसकी मॉनिटरिंग करने के सख्त निर्देश दिए.

उन्होंने कहा कि कई जगह से सरकारी दवाओं के दुरूपयोग की शिकायतें मिल रही हैं उसकी जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ कड़े कदम उठाए जाएं.

निष्कर्ष
गौरतलब है कि राजस्थान सरकार पशुपालन के काम में कोई लापरवाही नहीं बरतना चाहती है. ताकि राज्य में पशुपालन के जरिए किसानों की इनकम को बढ़ाया जा सके.

Written by
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