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Dairy: दूध देने वाली गायों की ब्रीडिंग में इन बातों का जरूर रखें ध्यान

कम फाइबर के साथ अधिक कंसंट्रेट या अनाज (मक्का) के सेवन से अधिक लैक्टेट और कम वसा दूध होगा.
प्रतीकात्मक तस्वीर.

नई दिल्ली. डेयरी फार्मिंग के बिजनेस में ब्रीडिंग के दौरान कुछ बातों का ध्यान देना जरूरी होता है. राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के एक्सपर्ट का कहना है की ब्रीडिंग में रिजल्ट तीन से पांच जनरेशन में मिलता है, लेकिन बहुत से फार्मर आते हैं और सबसे अच्छा सीमेन का डोज मांगते हैं और जब उनसे सवाल पूछा जाता है कि आपके पास मौजूद गाय कितना दूध उत्पादन कर रही है तो बताते हैं कि 2 लीटर. ऐसे में एक्सपर्ट का कहना है कि कभी भी 2 लीटर दूध देने वाली गाय में 25 लीटर वाले सांड का सीमेन नहीं इस्तेमाल करना चाहिए.

एक्सपर्ट ने इसकी वजह भी बताई है. उनका कहना है कि अगर ऐसा कोई करता है तो इसका मतलब यह है की अच्छी चीज को कचरे में डाल दिया गया. क्योंकि जेनेटिक इंप्रूवमेंट रातों-रात नहीं होता है. इसमें समय लगता है.

क्या करना चाहिए
गाय की जितनी क्षमता है, उसी के हिसाब से नदी पसंद करना चाहिए. यदि कोई गाय 10 लीटर दूध का उत्पादन करती है तो उसे 12 से 14 लीटर दूध लिया जा सकता है.

ऐसे में उसे गाय को 12 से 14 लीटर वाले नदी का सीमन सही माना जाएगा. उसका ही इस्तेमाल करना चाहिए.

जब वह गाय 14 लीटर दूध देने लगे तो उसके बाद 15 से 16 लीटर वाली सांड का सीमेन उसके लिए ठीक होगा.

एक्सपर्ट का कहना है कि एक जनरेशन में ज्यादा से ज्यादा 20 से 25 फीसद ही सुधार किया जा सकता है.

एक्सपर्ट का साफतौर पर कहना है कि अगर पशुओं का दूध उत्पादन बढ़ाना है तो धीमे-धीमे बढ़ेगा.

अचानक से 10 लीटर दूध देने वाली 20 लीटर दूध का उत्पादन नहीं करती है. इसके लिए थोड़ा समय देना होता है.

निष्कर्ष
इसलिए सीमेन का सिलेक्शन जब भी करें तो बहुत ध्यान से करें और इन बातों का भी इसमें जरूर ध्यान दें और दूध उत्पादन ज्यादा लेने के लिए थोड़ा इंतजार करें.

Written by
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