Home डेयरी NDDB और नाबार्ड के सहयोग से गांवों में बेहतर होगी डेयरी सुविधाएं
डेयरी

NDDB और नाबार्ड के सहयोग से गांवों में बेहतर होगी डेयरी सुविधाएं

बैठक में मौजूद एनडीडीबी के अधिकारी और व नबार्ड के अफसर.

नई दिल्ली. नाबार्ड के डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. अजय कुमार सूद की अगुवाई में नाबार्ड के एक प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड NDDB के चेयरमैन डॉ. मीनेश शाह से मुलाकात की. ताकि नाबार्ड और NDDB के बीच सहयोग के संभावित क्षेत्रों पर चर्चा की जा सके. इस अहम बैठक में NDDB और NDDB डेयरी सर्विसेज के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे. डॉ. शाह ने NDDB और NDS के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मिलकर प्रतिनिधिमंडल को NDDB की पहलों और गतिविधियों के बारे में जानकारी दी.

साथ ही, उन्होंने सहयोग के संभावित क्षेत्रों पर भी चर्चा की, जिनमें डेयरी किसानों को चारा, फीड, मिनरल्स, बीज और अन्य जरूरी चीचें शामिल हैं. इन्हें उपलब्ध कराने के लिए ‘वन-स्टॉप शॉप’ के तौर पर गाँव-स्तर के ‘रूरल मार्ट’ बनाने पर चर्चा हुई.

छोटे किसानों को सस्ता लोन मिलेगा
वहीं छोटे किसानों को सस्ता लोन दिलाने के लिए दूध खरीद डेटा का इस्तेमाल करने वाले नए डेयरी क्रेडिट मॉडल लाया जाएगा.

डेयरी इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने तथा कोऑपरेटिव्स और MPO को मज़बूत करने के लिए फाइनेंसिंग के तरीके पर भी चर्चा हुई.

चर्चा में आर्टिफिशियल इनसेमिनेशन (कृत्रिम गर्भाधान) को बड़े पैमाने पर अपनाने में मदद करने पर प्रतिनिधिमंडल के बीच बातचीत हुई.

वहीं डेयरी पशुओं की उत्पादकता बढ़ाने के लिए ब्रीडिंग और न्यूट्रिशन से जुड़े उपायों को मजबूत करने के मौकों पर भी बात हुई.

यह चर्चा मार्च 2025 में हुए MoU के तहत नाबार्ड और NDDB की रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाती है.

जिसमें दोनों पक्ष किसानों, कोऑपरेटिव्स और एक टिकाऊ व जलवायु-अनुकूल डेयरी इकोसिस्टम को सहारा देने के लिए और भी क्षेत्रों पर विचार कर रहे हैं.

दूसरी ओर NDDB के एक प्रतिनिधिमंडल ने डेनमार्क की कोपेनहेगन यूनिवर्सिटी द्वारा आयोजित इस वर्कशॉप में हिस्सा लिया.

भारतीय और डेनिश एक्सपर्ट्स ने डेयरी मवेशियों के जेनेटिक्स और पैन-जीनोमिक्स, छोटे डेयरी किसानों की वैल्यू चेन, खाद्य सुरक्षा, एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR), वन हेल्थ और टिकाऊ डेयरी जैसे विषयों पर चर्चा की.

इस प्रतिनिधिमंडल में गुजरात बायोटेक्नोलॉजी रिसर्च सेंटर और IIPHG के एक्सपर्ट्स भी शामिल थे.

इस कार्यक्रम की एक खास बात डेनमार्क में भारत के राजदूत श्री मनीष प्रभात के साथ बातचीत थी.

साथ ही DTU फूड में सेशन और KU लाइटहाउस में डेनिश स्टार्ट-अप्स के साथ इनोवेशन वर्कशॉप भी आयोजित की गई.

इस प्रोग्राम में आगे के कदमों की रूपरेखा भी तैयार की गई, जिसमें डेनिश एक्सपर्ट्स का गुजरात का दौरा और स्वस्थ मवेशियों, सुरक्षित दूध और टिकाऊ डेयरी सिस्टम के लिए रिसर्च, इनोवेशन और क्षमता निर्माण में भारत-डेनमार्क सहयोग को और मजबूत करना शामिल है.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Leave a comment

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Related Articles

डेयरी

Dairy: अब सांची की बढ़ेगी प्रोसेसिंग क्षमता, बेहतर होगा क्वालिटी टेस्ट सिस्टम, रख दी गई बुनियाद

नई दिल्ली. केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने भोपाल में...

डेयरी

Dairy: गोपालक सम्मेलन में पशुपालकों को बड़ी सौगात देगी सरकार, अमित शाह और मोहन यादव करेंगे शुरुआत

नई दिल्ली. मध्य प्रदेश को मिल्क कैपिटल बनाने का सपना देखने वाली...