नई दिल्ली. राजस्थान के पशुपालन, गोपालन और देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत 24 जुलाई को को ब्यावर जिले के तिजारती सर्राफान गौशाला से लंपी रोग प्रतिरोधक टीकाकरण अभियान की शुरुआत करेंगे. अभियान की शुरुआत गोशाला परिसर में शाम पांच बजे से की जाएगी. दो महीने तक चलने वाले इस अभियान में गौवंशीय पशुओं के टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है. मंत्री कुमावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संवेदनशील मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश सरकार पशुओं के कल्याण के प्रति समर्पित होकर काम कर रही है.
उन्होंने कहा कि लंपी रोग पशुओं के लिए एक जानलेवा संक्रामक रोग है. इससे मुख्य रूप से गोवंश प्रभावित होते हैं और पशुपालकों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ता है. प्रदेश पूर्व में इस रोग का दंश झेल चुका है. इसलिए अब इस रोग से बचाव के लिए एहतियात के रूप में सरकार ने लंपी रोग को नियंत्रित करने के लिए कई कदम उठाए हैं जिनमें से टीकाकरण और जागरूकता अभियान मुख्य हैं.
वैक्सीनेशन पर सरकार दे रही है जोर
टीकाकरण इस रोग से बचाव का एक प्रमुख हथियार है इसलिए राज्य सरकार ने पशुओं के टीकाकरण पर जोर दिया है.
24 जुलाई से प्रदेश में दो महीने का टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है जिससे रोग के प्रसार को समय रहते रोका जा सके.
इसके अलावा ग्रामीण इलाकों में लंपी रोग के बारे में जानकारी उपलब्ध कराने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा.
कुमावत ने कहा कि लंपी स्किन डिजीज रोग के नियंत्रण तथा रोकथाम के लिए भारत सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन्स और दिशानिर्देशों के अनुसार टीकाकरण कार्य सम्पादित किया जाएगा.
पिछले दो वर्षों में चलाए गए टीकाकरण अभियान के तहत राज्य की लगभग 95 प्रतिशत गौवंश का टीकाकरण किया गया.
जिससे रोग को समय रहते नियंत्रित कर लिया गया और गौवंश की हानि लगभग नही ंके बराबर हुई थी.
साल 2025-26 में 108.95 लाख गौवंश पशुओं का टीकाकरण किया गया.
विभाग के निदेशक डॉ सुरेशचंद मीना ने कहा कि इस रोग के सर्वेक्षण, निदान और नियंत्रण के लिए आवश्यक तैयारियां कर ली गईं हैं.
कहा कि जिला एवं ब्लॉक स्तर पर टीकाकरण के लिए माइक्रोलेवल प्लानिंग तैयार करने के लिए विभाग द्वारा पूर्व में ही दिशानिर्देश जारी किए जा चुके हैं.
जिले की माइक्रोलेवल कार्ययोजना के अनुरूप संस्थाओं को उनके कार्य क्षेत्र में अवस्थित गौवंश पशुओं की संख्या के अनुसार टीकाकरण के लक्ष्य आवंटित किए गए हैं.
उन्होंने बताया कि इस बार राज्य में पहली बार लंपी स्किन डिजीज वैक्सीन होमोलोगुस रांची स्ट्रेन का उपयोग किया जाएगा.
निष्कर्ष
भारत सरकार द्वारा अब लंपी स्किन डिजीज वैक्सीन को मान्यता देने तथा इसके उपयोग को अनुमत किए जाने के कारण इस बार राज्य में लंपी स्किन डिजीज वैक्सीन के रांची स्ट्रेन का उपयोग करते हुए गौवंशीय पशुओं में टीकाकरण किया जाएगा. इससे पशुओं को बीमारी से और पशुपालकों को नुकसान से बचाया जा सकेगा.










