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Poultry Farming: पोल्ट्री फार्मिंग करने के क्या हैं फायदे, सरकार बढ़ावा देने के लिए कर रही ये काम

यह व्यस्क मुर्गियों में हरे-पीले रंग के दस्तों की छूतदार बीमारी है. यह पुलोरम से मिलती-जुलती बीमारी है.
प्रतीकात्मक तस्वीर.

नई दिल्ली. सरकार पशुपालन के अलावा पोल्ट्री फार्मिंग को भी बढ़ावा देने का काम कर रही है. ताकि इससे किसानों की इनकम को बढ़ाया जा सके. हो सकता है कि आपके दिमाग में ये सवाल जरूर उठ रहा हो कि पोल्ट्री फार्मिंग को बढ़ावा देने के क्या फायदे हैं. आपको बता दें कि इसका सबसे बड़ा फायदा तो यह है कि इंसानों को हाई क्वालिटी का प्रोटीन से भरपूर आहार मिलता है. तभी सरकार पोल्ट्री फार्मिंग को लेकर सीरियस है और इसको बढ़ावा देने का काम कर रही है. ताकि लोगों को इसका फायदा मिल सके.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पोल्ट्री का बिजनेस एक अच्छा बिजनेस है. इसमें आप लेयर बर्ड को पालकर अंडो का उत्पादन कर सकते हैं अंडों की डिमांड हर जगह होती है. इससे किसानों को अच्छी आमदनी हो सकती है. देसी मुर्गियों के अंडे जहां 12 से 15 रुपए में बिक जाते हैं तो वहीं सफेद अंडे की कीमत 5 से 7 रुपए मिलती है. इसके अलावा ब्रॉयलर मुर्गों को पालकर मीट का प्रोडक्शन कर सकते हैं और इससे भी आपको अच्छी खासी कमाई होगी. क्योंकि मीट की डिमांड पूरे देश में हर जगह होती है.

खूब है पोल्ट्री प्रोडक्ट की डिमांड
हम उस दौर में जी रहे हैं, जब पोल्ट्री प्रोडक्ट की डिमांड ज्यादा है. खास करके चिकन की डिमांड बहुत ज्यादा है. रेडी टू ईट फूड की बढ़ती डिमांड की वजह से चिकन की डिमांड बहुत ज्यादा हो रही है और इसका अच्छा दाम भी मिल रहा है. वहीं रेडी टू ईट फूड की वजह से अंडों की डिमांड में भी इजाफा हो रहा है. क्योंकि आपको आसानी से चौराहों पर और भीड़-भाड़ वाले इलाकों में अंडों से बने फूड बिकते नजर आ जाएंगे. वहीं चिकन से बने फूड भी खूब दिखते हैं.

यूपी सरकार कर रही है ये काम

  • ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में पोल्ट्री पालकों को उन्नतशील कुक्कुट पालन की शुरुआती तथा खास ट्रेनिंग की व्यवस्था सरकार उपलब्ध करा रही है.
  • पोल्ट्री को अपनी विशेषताओं के आधार पर ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के छोटे बड़े पोल्ट्री फॉर्मर्स को स्वरोजगार के अवसर मिल रहा है.
  • पोल्ट्री फार्मर्स के पक्षियों में रोगों का सामान्य निदान तथा पोल्ट्री बर्ड में विभिन्न संक्रामक रोगों से बचाव के लिए चिकित्सा की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है.
  • पशु और पक्षी के आहार की गुणवत्ता के लिए विभिन्न आहारों के टेस्टिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है.
  • पोल्ट्री फार्मर्स के पोल्ट्री प्रोडक्ट को उचित दाम दिलवाने तथा उनकी बिक्री में मदद की जा रही है.
  • बैकयार्ड पोल्ट्री फार्मिंग के लिए चूजे तैयार किए जा रहे हैं.
  • पोल्ट्री विकास कार्यक्रम में उद्यमिता का विकास किया जा रहा है.
Written by
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