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Poultry Farming: चूजों को पोल्ट्री फार्म में लाने से पहले कर लें ये तैयारियां तो तेजी से होगी ग्रोथ

पोल्ट्री के बिजनेस में बीमारियां रोक लीं तो ये मुनाफे का सौदा होता है.
चूजों का प्रतीकात्मक फोटो: Livestockanimalnews

नई दिल्ली. पोल्ट्री फार्मिंग में जब चूजों को पहले दिन पोल्ट्री फार्म लाया जाता है तो कई बातों का ख्याल रखा जाता है. पोल्ट्री एक्सपर्ट डॉ. इब्ने अली कहते हैं कि सबसे पहला काम ये करें कि बैकअप के साथ बिजली की व्यवस्था करें. फार्म में बल्ब और रोशनी और पानी पीने वाले फीडर को तैयार रखें. बैकअप के साथ हीटिंग सोर्स की व्यवस्था करें. ब्रूडिंग क्षेत्र का तापमान 30-32 डिग्री सेल्सियस होना चाहिए. साथ ही चूजों के बिस्तर पर अखबार ठीक से रखें और बिस्तर की मोटाई 4 इंच होनी चाहिए. बिस्तर बनाने के लिए चावल की भूसी सबसे बेहतर विकल्प है. कभी भी चूजों को खेत में खुला न छोड़ें.

डॉ. इब्ने अली ने आगे बताया कि 0.3 फीसदी ब्रूड घोल 3 ग्राम प्रति लीटर पानी में चूजों के आने से 1 घंटे पहले चिक ड्रिंकर में तैयार होना चाहिए. ब्रूड में सभी जरूरी प्रोबायोटिक्स, जर्दी को घोलने वाले पदार्थ, विटामिन, अमीनो एसिड, ग्लूकोज और इलेक्ट्रोलाइट्स शामिल होना चाहिए. पहले 48-72 घंटों में पानी में ईज़ी ब्रूड होना चाहिए. चूजों के आने से पहले दाना अखबार और चिक ट्रे में भी फैला देना चाहिए. इसके अलावा पहले 12 दिनों में तापमान बनाए रखना बहुत आवश्यक है. क्योंकि चूज़े अपना तापमान नहीं बनाए रख सकते हैं. तापमान बनाए रखने के लिए फॉल्स सीलिंग पर ब्रूडर कैनोपी पर विचार करें.

चूजों को कितनी रौशनी देना चाहिए
उन्होंने बताया कि प्रति चूज़े के लिए जगह की बात की जाए तो 3-4 चूजों के लिए एक वर्गफुट की जरूरत होती है. इस मेथड में वेंटिलेशन में अधिक रुकावट नहीं आती है. चूजों को ब्रूडिंग क्षेत्र में रखते समय रोशनी कम कर दें, जब चूजे वातावरण के आदी हो जाएं तो धीरे-धीरे रोशनी बढ़ा दें. शुरुआती 23 घंटे रोशनी कम होनी चाहिए. वहीं पहले दिन से 1 घंटे का अंधेरा दिया जा सकता है. हर 1000 चूजों पर 20 बर्तन पानी पीने के लिए मौजूद होना चाहिए और उन्हें समान दूरी पर रखना चाहिए. दिन में कम से कम 2 बार पानी बदलें.

1 से 2 घंटे के लिए छोड़ दें
जब चूजे घर में आते हैं तो तुरंत खाने-पीने में सक्षम नहीं हो पाते हैं. चूजों को उनके नए वातावरण का आदी बनने के लिए 1 से 2 घंटे के लिए वहीं छोड़ दें. खाली बक्सों को बिना देर किए घर से हटा देना चाहिए. चूज़े जितने अधिक समय तक बक्सों में रहेंगे, संभावित डीहाईड्रेशन की मात्रा उतनी ही अधिक होगी. इसके चलते जल्दी से उनकी मौत भी हो सकती ळै. वहीं उनकी ग्रोथ में कमी देखी जा सकती है. ​कुछ समय के बाद, यह देखने के लिए जांच करें कि सभी चूजों को चारा और पानी आसानी से उपलब्ध हो रहा है कि नहीं.

Written by
Livestock Animal News Team

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