Home मछली पालन Fisheries: मछली पालन में स्वरोजगार के हैं ढेरो अवसर, छात्र कैसे कर सकते हैं ये बिजनेस उन्हें सिखाया गया
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Fisheries: मछली पालन में स्वरोजगार के हैं ढेरो अवसर, छात्र कैसे कर सकते हैं ये बिजनेस उन्हें सिखाया गया

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प्रतियोगिता में जीत हासिल करने वाले छात्र पुरस्कार के साथ.

नई दिल्ली. ये बात तो मछली पालन से जुड़े हर कोई ही जानता है कि इस क्षेत्र में स्वरोजगार की अपार संभावनाएं हैं. इसी विषय को लेकर चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के मत्स्य विज्ञान महाविद्यालय में मत्स्य पालन के प्रति जागरूक करने व बढ़ावा देने के लिए कई प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं. इस प्रतियोगिता में कई कालेज व स्कूलों के विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया. समारोह में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बीआर काम्बोज ने कहा कि विश्वविद्यालय के उन्नत अनुसंधानों के माध्यम से प्रदेश के मत्स्य पालन क्षेत्र को बढ़ाने में उपरोक्त महाविद्यालय की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी.

उन्होंने कहा कि मत्स्य पालन में स्वरोजगार की भी अपार संभावनाएं हैं. उन्होंने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों से आह्वान करते हुए कहा कि वे नीली क्रान्ति को बढ़ावा देेने के लिए कारगर कदम उठाएं. मत्स्य पालन के व्यवसाय में बढ़ोतरी करने के लिए भी विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों को प्रभावशाली ढंग से संचालित किया जा रहा है. बताते चलें कि कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. नीरज कुमार ने की.

छात्रों में नेतृत्व क्वालिटी डेवलप होना जरूरी
वहीं कुलपति ने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे छात्रों में नेतृत्व गुणों को विकसित करें. ताकि विद्यार्थी राष्ट्र के नव निर्माण में अपना योगदान दे सकें. छात्रों एवं शिक्षकों को नियमित बैठकें आयोजित करने का भी सुझाव दिया. अधिष्ठाता डॉ. नीरज कुमार ने सभी का स्वागत करते हुए महाविद्यालय की प्रगति एवं गतिविधियों पर प्रकाश डाला. जबकि डॉ. रचना गुलाटी ने समारोह में सभी का धन्यवाद किया. मंच का संचालन अंकित व अजय ने किया. इस अवसर पर उपरोक्त महाविद्यालय के सभी शिक्षक, गैर शिक्षक कर्मचारी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे. विभिन्न स्कूलों एवं महाविद्यालयों के विद्यार्थियों की रंगोली, पोस्टर, स्लोगन, वाद-विवाद, एक्वास्केपिंग व मत्स्य पालन क्षेत्र में उद्यमिता से संबंधित अनेक प्रतियोगिताएं भी करवाई गईं.

प्रतियोगिता में किसने-किसने दर्ज की जीत
इनोवेशन एंड एंटरपे्रन्योरशिप प्रतियोगिता में उमेश ने प्रथम, कार्तिक ने द्वितीय तथा सूरज ने तृतीय स्थान, एक्वास्केपिंग में पूर्णिमा व आरजु ने प्रथम, रमन, कार्तिक व अमित ने द्वितीय जबकि अंकित व विजय ने तृतीय स्थान प्राप्त किया. वाद-विवाद में निशा ने पहला, आशिका व उमेश ने दूसरा जबकि विधि और शाइना ने तीसरा स्थान प्राप्त किया. उक्त प्रतियोगिता में कैंपस स्कूल की आरोही प्रथम जबकि कृष्णा दूसरे स्थान पर रहे. रंगोली प्रतियोगिता में मनोज व युक्ति प्रथम, दिव्या, खुशी, मुस्कान व प्रमोद द्वितीय जबकि सुनील, दिक्षा, पूजा व निकीता ने तृतीय स्थान पर रहे. निकीता, किर्ती, दीपक व महक ने सांत्वना पुरस्कार प्राप्त किया.

सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हुआ
उक्त प्रतियोगिता में कैंपस स्कूल की कृति ने पहला, विश्वविद्यालय परिसर में स्थापित राजकीय माध्यमिक विद्यालय की रेणुका, अंजली, भानू, सुशील, नंदिनी व प्रिया ने दूसरा जबकि कैंपस स्कूल की तनीक्षा व नितीका ने तीसरा व नंदिनी और हिमांशी ने सांत्वना पुरस्कार हासिल किया. समारोह में विद्यार्थियों द्वारा नृत्य एवं गायन सहित अनेक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए जिसमें मानसी, खुशी, दीप्ति, मोहित, अमित, साहिल, सुहानी व जतिन ने भाग लिया.

Written by
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