नई दिल्ली. अगर आप डेयरी पशुओं को पालते हैं तो इससे डेयरी फार्मिंग के काम को शुरू करके अच्छी कमाई कर सकते हैं. यदि आप अपने डेयरी फार्म में 10 पशुओं को पालते हैं और हर पशु 10 लीटर दूध देता है तो इस तरह से आप हर दिन हजारों रुपए की कमाई कर सकते हैं. डेयरी एक्सपर्ट का कहना है कि पशुओं को पालकर दूध का व्यवसाय करना एक बेहतर काम है और इसका फ्यूचर भी बहुत अच्छा है. इस काम में कभी मंदी भी नहीं आती है. बस पशुओं का सही तरह से ख्याल रखना होता है और ऐसे पशुओ को पालना होता है, जिससे ज्यादा से ज्यादा दूध का उत्पादन हो सके. जिससे किसान अच्छी कमाई करने लगते हैं.
डेयरी फार्मिंग का बिजनेस शुरू करने के लिए आप गाय या भैंस पाल सकते हैं. आमतौर पर गाय और भैंस पालकर दूध की कमाई होती है. बात अगर गाय पालन की की जाए तो क्षेत्रीय मौसम और नस्ल के हिसाब से गायों को पालना चाहिए. ताकि जिस क्षेत्र में आप रह रहे हैं, वहां पर गाय खुद को आसानी से ढाल वाली हो. जिससे उत्पादन पर कोई असर न पड़े. ऐसी कई नस्ल हैं, जिनका दूध उत्पादन बहुत ज्यादा होता है और इससे आपको डेयरी फार्मिंग के काम में बेहतर मुनाफा मिल सकता है. कुछ के बारे में आइए यहां जानते हैं.
जर्सी गाय के बारे में जानें
आप जर्सी गाय को पाल सकते हैं. जर्सी गाय प्रति ब्यात में 4500 लीटर दूध का उत्पादन करती है.
जर्सी गाय विदेशी नस्ल की गाय है. जिसका सिर, कंधा और पीठ एक लाइन में तथा रंग हल्का लाल या बदामी व भूरा होता है.
जर्सी गाय की ये भी खासियत है कि ये 26 से 30 महीने के अंदर बच्चा दे देती है. जिससे आगे आपको और ज्यादा मुनाफा मिलने लगता है.
बछौर नस्ल दूध उत्पादन के लिए है बेहतर
आप बछौर नस्ल की गाय का पालन भी कर सकते हैं. ये बिहार राज्य से उत्पन्न एक देसी नस्ल है. ये उत्तर बिहार के मधुबनी, दरभंगा व सीतामढ़ी जिले में पाई जाती है.
इसका शरीर नौकाकार, नाक और आंख छोटे, पैर छोटे व सीधे होते हैं. दूध उत्पादन के लिए बेहद ही उपयुक्त नस्ल इसे माना जाता है.
गिर गाय की क्या है खासियत
बात अगर गिर गाय की जाए तो ये भारतीय मूल की देसी गाय है. ये गुजरात के गिर जंगलों में पाई जाने वाली सफेद चित्तियों से युक्त लाल रंग की मध्यम आकार की गई गाय होती है.
इसका सिर लंबा, कान लंबे लटके हुए मुड़ी हुई पत्तियों के समान होता है. पूरे एक ब्यात में 1700 लीटर दूध का उत्पादन करती है.











