Home पशुपालन Animal News: ब​छड़े-बछड़ियों की अच्छी ग्रोथ के लिए ये काम जरूर करें पशुपालक, मिलेगा खूब फायदा
पशुपालन

Animal News: ब​छड़े-बछड़ियों की अच्छी ग्रोथ के लिए ये काम जरूर करें पशुपालक, मिलेगा खूब फायदा

livestock animal news
प्रतीकात्मक फोटो

नई दिल्ली. पशु जिन बछड़े या बछड़ी को जन्म देते हैं, उन्हें तंदुरुस्त करने के लिए कई बार पशुपालक भाई बहुत प्रयास करते हैं. उसके बावजूद उनकी ग्रोथ नहीं होती है. इसी कोशिश में पशुपालक बछड़े-बछड़ियों की डीवार्मिंग भी कराते हैं, पशु के बच्चे को मिनरल मिक्सचर भी दे देते हैं, दाना मिश्रण भी खिलााते हैं लेकिन उसके बावजूद ग्रोथ नहीं होती है. ऐसे में पशुपालक भाई सोच में पड़ जाते हैं कि ऐसा क्या करें कि जिससे पशु के बच्चे की ग्रोथ अच्छी हो. अगर आप भी इस समस्या से परेशान हैं तो यह आर्टिकल आपके लिए है. यहां हम आपको बताएंगे कि कैसे बछड़ियों की ग्रोथ अच्छी होगी.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कई बार पशुपालक भाइयों के सामने इस तरह की भी समस्या आती है कि उनकी बछड़ी छह महीने की हो जाती है और फिर भी उसकी ग्रोथ नहीं होती है. उसे जो भी कुछ भी खिलाया जाता है लेकिन उसके शरीर पर उसका असर नहीं होता है. यानी बछड़ी कमजोर ही नजर आती है. वह तंदुरुस्त नहीं हो पाती है. न तो उसका वजन ही बढ़ता है न ही उसकी हाइट बढ़ती है. इसके चलते पशुपालक परेशान रहते हैं.

सूखा चारा है बेहद अहम
एनिमल एक्सपर्ट कहते हैं कि इस स्टेज में अगर आपको बछड़े-बछड़ी की बेहतर ग्रोथ करनी है तो इसमें सबसे जरूरी सूखा चारा होता है. जी हां, अगर आप बछड़ी को सूखा चारा, चोकर और चूरी देते हैं तो इससे बछड़ी की ग्रोथ अच्छी होगी. आप चाहें तो दाल की चूरी ले सकते हैं और मसूर की दाल की चूरी भी ले सकते हैं. या कोई भी चूरी आप ले सकते हैं. अगर हर दिन 100 ग्राम चूरी खिलाते हैं तो इससे कुछ ही दिनों में अच्छा नतीजा देखने को मिलेगा. वहीं 150 ग्राम चोकर हर दिन पशु को खिलाना शुरू कर दें तो इससे भी फायदा होगा. गेहूं के चोकर को खिलाने से बछड़ी को फायदा मिलेगा. क्योंकि इसमें फाइबर के सोर्स होते हैं और यह अच्छा काम करते हैं.

डीवार्मिंग में इस बात का ध्यान दें
इसके अलावा इस बात का भी ध्यान देना होता है कि पशु की डीवार्मिंग किस दवा से कराई कई है. एनिमल एक्सपर्ट कहते हैं कि हमेशा ही अच्छी कंपनी की दवा से डीवार्मिंग कराना चाहिए. आप चाहें तो डॉक्टर की भी सलाह ले सकते हैं. कई तरह की दवाएं मार्केट में उपलब्ध हैं, जो बेहतर काम करती हैं. वहीं पशु के बच्चे को लिवर टॉनिक भी दिया जाना चाहिए और वह भी अच्छी क्वालिटी का होना चाहिए. लिवर टॉनिक कम से कम 10 दिनों तक पशु के बच्चे को पिलाएं. इसके अलावा उसके डाइजेशन को भी सही करना जरूरी है. डाइजेशन सही रहेगा तो इससे पशु जो भी खाएगा उसके शरीर में अच्छे से लगेगा.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

पशुपालन

Cow: यूपी में हजारों गो आश्रय स्थल बनेंगे ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर प्रोडक्शन सेंटर, युवाओं को मिलेगा रोजगार

नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश अब गोसंरक्षण, प्राकृतिक खेती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के...

पशुपालन

Animal Husbandry: पशुपालन में वैज्ञानिक प्रगति और पशु कल्याण के बीच संतुलन बनाने की जरूरत

नई दिल्ली. भारत सरकार के पशुपालन और डेयरी विभाग (डीएएचडी) के तहत...

Animal Husbandry: Farmers will be able to buy vaccines made from the semen of M-29 buffalo clone, buffalo will give 29 liters of milk at one go.
पशुपालन

Animal News: पशुओं की ईयर टैगिंग कराने के हैं कई फायदे, हर एक जानकारी मिलती है यहां

नई दिल्ली. बहुत से पशुपालक भाई पशु की ईयर टैगिंग कराने से...