Home पशुपालन Animal Husbandry: गलती से एचएफ गाय थारपाकर बुल से हो जाए क्रॉस तो क्या करें, जानें यहां
पशुपालन

Animal Husbandry: गलती से एचएफ गाय थारपाकर बुल से हो जाए क्रॉस तो क्या करें, जानें यहां

HF Cross Cow milk per day
प्रतीकात्मक फोटो

नई दिल्ली. पशुपालन के दौरान कई बार गलती से कुछ ऐसा हो जाता है जो पशुपालक नहीं चाहते हैं. पशुपालन के दौरान कई बार जब गाय जब हीट में आती है तो वो किसी दूसरी नस्ल के बुल केे साथ क्रॉस हो जाती है. कई मामलों में पशुपालक ऐसा नहीं चाहते हैं फिर भी ये हो जाता है. ऐसे में पशुपालक परेशान हो जाते हैं और जल्दबाजी में कुछ गलती कर जाते हैं. मसलन, गाय का अबॉर्शन ही करवा देते हैं लेकिन पशुपालकों को यह पता होना चाहिए कि ऐसी कंडीशन में अर्बार्शन करवाना बेहद ही खतरनाक होता है. जबकि पशुपालकों को ये मालूम होना चाहिए कि ऐसी कंडीशन में क्या करना चाहिए.

ए​निमल एक्सपर्ट कहते हैं कि मान लीजिए कि आपके पास एचएफ गाय है और गलती से थारपारकर बुल से वह क्रॉस हो गई है और वो गाभिन भी हो गई है तो इसमें जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं करना चाहिए. हो सके तो एक्सपर्ट की सलाह ले लें. एक्स्पर्ट आपको अगली ब्यात तक इंतजार करने के लिए कहेंगे. कभी भी किसी तरह की दवा या दूसरे तरीकों को अपनाने से पहरेज करना चाहिए.

दवा का इस्तेमाल बिल्कुल भी न करें
एनिमल एक्सपर्ट कहते हैं कि अगर आपके पास एचएफ नस्ल की गाय है और हिट में आने के बाद गाय गलती से थारपारकर बुल से क्रॉस हो गई है तो और आपको जो भी बछड़ा या बछड़ी मिले, उसे स्वीकार करना चाहिए. मनपसंद नस्ल के ब​छड़े या बछिया के लिए अगली ब्यात का इंतजार करना बेहतर है. क्योंकि गाय गाभिन हो गई है तो फिर किसी भी तरह की दवा या कुछ ऐसी चीज का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. अगर कोई पशुपालक ऐसा करता है तो हो सकता है कि गाय को कई तरह की दिक्कत आ जाए. गाय का अबॉर्शन कराने की तो सोचना ही नहीं चाहिए. इस प्रक्रिया के लिए दी जा रही दवा से गाय हमेशा के लिए खराब हो सकती है. इसलिए अगली ब्यात तक का इंतजार करना ही बेहतर होता है.

हीट में आते ही कराएं एआई
अगली बार इस तरह की कंडीशन जब भी बनें तो पशुपालकों के लिए जरूरी है कि वह हीट को देखते रहें. जब गाय हीट में आए जाए तो उसका एआई करवा सकते हैं. वहीं कभी भी हीट में आने वाली गाय को बाहर नहीं छोड़ना चाहिए. आप चाहें तो सेक्स सॉर्टेड सीमेन का भी इस्तेमाल करके गाय को गाभिन करवा सकते हैं. इसका फायदा यह भी होगा कि 90 फीसदी केस में आपको बछिया ही मिलेगी, जो आगे चलकर दुधारू गाय बन जाएगी. जिससे आपको डेयरी फार्म में ज्यादा फायदा होने लगेगा.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

camel farming
पशुपालन

Pashu Mela 2026: ऊंट की कैटेगरी में नारनौल के पशु दो कैटेगरी में आए अव्वल, मिला लाखों का ईनाम

नई दिल्ली. कुरुक्षेत्र में आयोजित तीन दिनी राज्य स्तरीय पशु प्रदर्शनी में...

ब्रुसेलोसिस ब्रुसेला बैक्टीरिया के कारण होता है जो मुख्य रूप से पशुधन (जैसे गाय, भेड़, बकरी) में पाए जाते हैं.
पशुपालन

Pashu Mela: पशु मेले में एक करोड़ की ईनाम राशि लगी है दांव पर

नई दिल्ली. सरकार की तरफ से हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले में सरकारी...

पशुपालन

Pashu Mela: 62 लाख पशुओं में सिर्फ 1500 पशु मेले में लाए जाएंगे, यहां होगी ब्रीड चैंपियनशिप

नई दिल्ली. हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले में सरकारी स्तर पर पहली बार...