Home मछली पालन Fish Farming: मछली पालन शुरू करना चाहते हैं तो इन बातों का जरूर रखें ख्याल, तभी मिलेगी कामयाबी
मछली पालन

Fish Farming: मछली पालन शुरू करना चाहते हैं तो इन बातों का जरूर रखें ख्याल, तभी मिलेगी कामयाबी

फिश एक्सपर्ट का कहना है कि मछली सेहत के लिए फायदेमंद है.
प्रतीकात्मक तस्वीर

नई दिल्ली. मछली पालन कमाई का एक बेहतरीन जरिया है. मार्च और अप्रैल में मछली पालन का काम शुरू किया जाए तो यह सबसे अच्छा समय होता है. इसके अलावा भी मछली पालन में कई बातों का ख्याल रखना होता है. मछली पालन की शुरुआत की जा रही है तो तालाब की मिट्टी मछली पालन करने के लायक है या नहीं उसकी जांच की की जाती है. उसका पीएच लेवल वगैरह चेक किया जाता है. इसके अलावा अगर तालाब पुराना है तो उसे भी मछली पालने के लायक बनाना ने की जरूरत होती है. इतना ही नहीं कई और जरूरी बातें हैं, जिसका असर मछली पालन में कमाई पर पड़ता है, जिसका जानना हर मछली पालक के लिए जरूरी है.

अगर आप मछली पालन की शुरुआत करना चाह रहे हैं तो यह खबर आपके काम आ सकती है. किन बातों का इसमें ख्याल रखना होता है, जिससे मछली पालन में ज्यादा से ज्यादा मुनाफा हो, मछली की ग्रोथ में कमी न हो और प्रोडक्शन ज्यादा हो, आइए इस बारे में जानते हैं. यह जान लें कि मछली पालन में फायदा तभी होगा, जब आपको मछली पालन से जुड़ी तमाम जानकारी होगी.

प्रजाति के हिसाब से चुने टेक्नॉलाजी
आप हमेशा यह ध्यान रखें जब भी मछली पालन करें तो मछली पालन को सिर्फ सरकारी मदद लेने के लिए न करें. बल्कि आप अपनी कमाई के लिए मछली पालन करें. हालांकि अगर आप सरकार की द्वारा चलाई जा रही है स्कीम में अप्लाई करते हैं और आपको मदद मिलती है तो यह आपके लिए बेहतर होगा. इससे मछली पालन करने में आपकी लागत कम हो जाएगी. जबकि आपको फायदा भी ज्यादा होगा. मछली पालन में दूसरी अहम बात यह है कि आप जिस भी टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल करके मछली पालन करना चाहते हैं. वह मछली की प्रजाति के हिसाब से तय करिए. क्योंकि ऐसा नहीं होता है कि सभी प्रजातियां सभी टेक्नोलॉजी में आसानी से पाल जाती हैं. इस बात का ध्यान रखना है कि जिस प्रजाति की मछली का पालन करना है, वह उस टेक्नोलॉजी में अच्छे से पाल पाएगी या नहीं.

कहां मछली करेंगे सेल इसे जानना है जरूरी
आप मछली पालन जब भी करें तो कलर और क्लाइमेट कंडीशन को ध्यान में रखकर करें. वहीं तलाब के लिए जमीन की कॉस्ट और लीज कास्ट या लोकेशन इसका बहुत ध्यान देना होता है. अगर आपने कहीं शहर में फिश फार्मिंग शुरू की है तो वहां पर आपको हाई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करना होगा. क्योंकि शहर में आपको बड़ी लैंड नहीं मिलेगी. अगर आप कहीं जमीन को खरीद रहे हैं तो इस बात का ध्यान रखें कि इसका कितने साल में रिर्टन आएगा. मछली पालन के लिए लोकेशन बहुत जरूरी फैक्टर है. तभी मछली पालन में आप सक्सेसफुल हो सकते हैं. हमेशा से बात का ध्यान रखें की मार्केट प्राइस क्या है. आप मछली घरेलू मार्केट में सेल करेंगे या फिर एक्सपोर्ट करेंगे. कौन सी मछली सेल करना है और किस एरिया में करना है, इसकी जानकारी होना भी जरूरी है.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

Fisheries,Fish Farming, Fish Farming Centre, CMFRI
मछली पालन

El Nino: तालाब की मछलियों पर भी मंडरा रहा रहा है अल नीनो का खतरा

नई दिल्ली. देश में अल नीनो का खतरा मंडरा रहा है. समुद्र...

मछली पालन

Fisheries: 31. 21 करोड़ के निवेश से बिहार में बनेगा इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क, सीएम और मंत्री ने रखी आधारशिला

नई दिल्ली. केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी तथा पंचायती राज मंत्री...