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Dairy Farming : दुधारू भैंस की पहचान के लिए बेहद काम के हैं ये 12 प्वाइंट्स, बिजनेस में नहीं होगा नुकसान

दुधारू पशु ब्याने के संकेत देते हैं. गर्भनाल जेर का निष्कासन ब्याने के तीन से 8 घंटे बाद होता है.
भैंस की प्रतीकात्मक तस्वीर.

नई दिल्ली. ग्रामीण इलाकों में रहने वाले ऐसे लोग जिनका जीवन पशुपालन पर निर्भर करता है और वह आज भी अपना गुजारा गाय या भैंस के जरिए निकलने वाले दूध को बेचकर करते हैं, उनके लिए जरूरी होता है कि उन्हें दुधारू पशुओं की पहचान हो. जो पशुपालक भैंस पालकर दूध बेचते हैं अगर उनके पास दुधारू भैंस होती है तो इससे वह अच्छी खासी कमाई कर लेते हैं लेकिन अगर दुधारू भैंस नहीं हुई तो कमाई कम होती है. जब कभी पशुपालक नए पशुओं को खरीदने के लिए जाते हैं तो उन्हें पता होना चाहिए कि दुधारू भैंस की पहचान कैसे करें. अगर उन्हें पहचान करना नहीं आता तो उनका नुकसान हो जाएगा.

इसके अलावा पशु पर इन्वेस्ट किया गया सारा पैसा भी खराब हो सकता है. अगर आप भी दुधारू भैंस खरीदना चाहते हैं और आपको इसकी पहचान करा नहीं आता तो इस आर्टिकल में हम 12 ऐसे प्वाइंट्स को बताने जा रहे हैं, जिनके जरिए आप दुधारू भैंस की पहचान कर सकते हैं. अगर आप दुधारू भैंस की पहचान करना चाहते हैं तो इन 12 पॉइंट्स को तसल्ली के साथ पढ़े और फिर आप दुधारू भैंस की पहचान करना सीख जाएंगे.

  1. दुधारू पशु के शरीर की बनावट पीछे की तरह से चौड़ी और आगे की तरफ से पतली होगी. इस पशु को सामने से देखने पर आपको तिकोनी दिखाई देगी.
  2. दुधारू पशु की चमड़ी चिकनी और अधिक चमकदार होती है. इनकी आंखें चमकीली होती हैं और उनकी आंखों पर बेहद कम बाल देखने को मिलते हैं.
  3. दुधारू भैंस की नस्ल में मुर्रा को सबसे अधिक बेहतर माना जाता है. ये भैंस न सिर्फ अधिक दूध देती है बल्कि इसके दूध में फैट और प्रोटीन भी ज्यादा पाया जाता है.
  4. ज्यादा दूध देने वाली भैंस के थन थोड़े टेढ़े हो सकते हैं और उनके थानों पर सफेद रंग की झलक भी देखने को मिल सकती है.
  5. आप एक से ज्यादा दूध देने वाली भैंस खरीद रहे हैं तो ध्यान रहे कि उसकी दूसरी है तीसरी ब्यात हो. क्योंकि अच्छी नस्ल की भैंस अपने दूसरे तीसरे ब्यात में सबसे ज्यादा दूध देती है.
  6. ज्यादा दूध देने वाली भैंस की नस्ल सभी थन एक समान होंगे और एक ही दूरी पर होंगे.
  7. एक अच्छी नस्ल का पशु लगभग दूसरी ब्यात से लेकर सातवीं ब्यात तक सबसे ज्यादा दूध देता है.
  8. दुधारू भैंस खरीदते समय आपको ऐसी भैंस मिल रही हो जिसने मादा बच्चों को जन्म दिया हो तो यह आपके लिए ज्यादा फायदेमंद हो सकती है. दरअसल ऐसा होने पर आपको भविष्य के लिए दुधारू भैंस भी मिल जाती है.
  9. किसी पशु को खरीदते समय कम से कम तीन बार उसका दूध दूहकर जरूर देखें. इसलिए क्योंकि कई बार पशु बेचने वाला व्यक्ति दूध की क्षमता अधिक कर भी पशु बेच देता है.
  10. अगर भैंस के गाय खरीद रहे हैं तो उसकी उम्र का भी पता जरूर करें. क्योंकि अगर पशु की आयु पूरी होने वाली है तो दुधारू पशु खरीदने के बाद भी आपको नुकसान होगा. बता दें कि एक भैंस जीवन काल में 20 से 22 साल तक जिंदा रहती है.
  11. भैंस की उम्र का अंदाज उसके दांतों और सींग के जरिए लगा सकते हैं. अगर भैंस के आगे के सभी दांत सीधे हों तो घिस चुके हैं. यानी उसकी उम्र ज्यादा है. वही भैंस सींग उम्र के साथ अधिक गोल हो जाते हैं. इन चीजों को देखकर भैंस पहचान कर सकते हैं.
  12. भैंस की सेहत को देखकर भी उसकी उम्र का अंदाजा लगाया जा सकता है. अगर वह शारीरिक रूप से कमजोर दिखाई दे तो हो सकता है कि उसकी उम्र ज्यादा हो. इसके अलावा आप भैंस बेचने वाले से उसका पशु कार्ड भी मांग सकते हैं.
Written by
Livestock Animal News Team

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