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Animal News: पढ़ें, कैसे साल 2030 तक रेबीज से इंसानों की मौत का अंकड़ा किया जा सकता है जीरो

रेबीज पर संबोधन देती डॉ. सिमरन प्रीत कौर

नई दिल्ली. गुरु अंगद देव पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, लुधियाना के वन हेल्थ सेंटर की डॉ. सिमरन प्रीत कौर ने प्रतिष्ठित रैबीजकॉन 2025 के मौके पर रेबीज पर राष्ट्रीय सम्मेलन में रेबीज को रोकने में वन हेल्थ की भूमिका और पशु चिकित्सकों की भूमिका विषय पर अहम बातें साझा कीं. यह कार्यक्रम विश्व रेबीज दिवस के अवसर पर चंडीगढ़ स्थित पोस्ट ग्रेजुएट चिकित्सा शिक्षा और रिसर्च सेंटर (पीजीआईएमईआर) में आयोजित किया गया था. डॉ. कौर ने कहा कि भारत में रेबीज का 97 फीसद मामला कुत्तों के कारण होता है.

उन्होंने आगे कहा कि खुले में घूमने वाले कुत्ते रेबीज के प्रसार में प्रमुख कारण हैं. उन्होंने कुत्तों के टीकाकरण और निगरानी, ​​सामुदायिक शिक्षा और जागरूकता पर जोर दिया.

एक्सपर्ट ने क्या-क्या कहा
उन्होंने कहा कि इसके अलावा चिकित्सा और पशु चिकित्सा पेशेवरों के बीच सहयोग को मजबूत करने और इस प्रकार 2030 तक कुत्तों द्वारा फैलाए गए रेबीज से जीरा इंसानी मृत्यु के वैश्विक लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है.

इसके लिए उन्होंने वन हेल्थ दृष्टिकोण को बढ़ावा देने के माध्यम से रेबीज की रोकथाम और नियंत्रण में पशु चिकित्सकों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया.

सम्मेलन में मानव और पशु स्वास्थ्य क्षेत्रों के विशेषज्ञ और शोधकर्ता एक साथ आए, और रेबीज के खिलाफ लड़ाई में सहयोग और वन हेल्थ साझेदारी की आवश्यकता की पुष्टि की.

कुलपति डॉ. जेपीएस गिल ने क्षमता निर्माण के लिए सेंटर फॉर वन हेल्थ के प्रयासों और जूनोटिक रोगों की रोकथाम और नियंत्रण के लिए वैज्ञानिक प्रयासों के संबंध में राज्य में अग्रणी होने की सराहना की.

उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि जागरूकता अभियान, टीकाकरण शिविर, शैक्षिक कार्यक्रम और विभिन्न क्षेत्रों (स्वास्थ्य, पशु चिकित्सा, स्थानीय सरकारें) में साझेदारी के जरिए मिलकर काम करने से हमें 2030 तक कुत्तों से फैलने वाले रेबीज के उन्मूलन के लक्ष्य को प्रभावी ढंग से हासिल करने में मदद मिल सकती है.

सेंटर फॉर वन हेल्थ के निदेशक डॉ. जसबीर सिंह बेदी ने डॉ. कौर के प्रयासों की सराहना की और इस बात पर ज़ोर दिया कि सेंटर फॉर वन हेल्थ मनुष्यों में कुत्तों से फैलने वाले रेबीज के उन्मूलन के लिए राज्य कार्य योजना में सक्रिय रूप से शामिल है.

उन्होंने जोर देकर कहा कि वैश्विक विश्व रेबीज दिवस 2025 थीम: “अभी कार्रवाई करें, आप, मैं, समुदाय” समुदाय के प्रत्येक व्यक्ति की ज़िम्मेदारी पर केंद्रित है.

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