नई दिल्ली. नीति आयोग के पूर्व CEO परमेश्वरन अय्यर ने NDDB का दौरा किया और NDDB के चेयरमैन डॉ. मीनेश शाह और NDDB के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की. इस दौरे के दौरान, उन्होंने NDDB और अमूल की विशेषज्ञता के साथ, किसानों पर केंद्रित और छोटे डेयरी उत्पादकों के लिए सफल डेयरी मॉडल को दुनिया भर में डेयरी इकोसिस्टम विकसित करने में तकनीकी सहयोग, संस्थागत साझेदारी और ज्ञान के आदान-प्रदान के महत्व पर चर्चा की. इस बैठक में गेट्स फाउंडेशन इंडिया की कंट्री डायरेक्टर सुश्री अर्चना व्यास और गेट्स फाउंडेशन इंडिया की लीड एग्रीकल्चर स्पेशलिस्ट सुश्री श्रीवल्ली कृष्णन भी शामिल हुईं.
डॉ. शाह ने प्रतिनिधिमंडल को भारत को दूध की कमी वाले देश से दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश बनाने की NDDB की यात्रा के बारे में जानकारी दी. उन्होंने NDDB द्वारा लागू किए गए बड़े पैमाने के कार्यक्रमों जैसे ‘ऑपरेशन फ्लड’ और ‘नेशनल डेयरी प्लान’ पर प्रकाश डाला.
व्हाइट रिवोल्यूशन 2.0 का भी जिक्र किया
उन्होंने पशु उत्पादकता में सुधार जेनेटिक्स और जीनोमिक्स, ब्रीडिंग तकनीक, पोषण, पशु स्वास्थ्य, डिजिटल पहल आदि की जानकारी दी.
साथ ही सहकारी समितियों और MPO के गठन, और डेयरी सहकारी समितियों को तकनीकी और प्रबंधन सहायता प्रदान करने के लिए NDDB के कार्यों की रूपरेखा भी बताई.
प्रेजेंटेशन में NDDB की सस्टेनेबिलिटी (स्थिरता) पहलों पर भी प्रकाश डाला गया, जिसमें खाद से बायोगैस, कंप्रेस्ड बायोगैस और जैविक उर्वरक शामिल हैं.
साथ ही ‘व्हाइट रिवोल्यूशन 2.0’ के तहत सहकारी कवरेज का विस्तार करने के इसके प्रयासों का भी जिक्र किया गया.
उन्होंने श्रीलंका, केन्या और नाइजीरिया के साथ NDDB के अंतरराष्ट्रीय तकनीकी सहयोग के बारे में भी बताया.
उन्होंने समझाया कि कैसे इसकी तकनीक, संस्थागत विशेषज्ञता और भारत की डेयरी यात्रा से मिले अनुभव उन देशों की मदद कर सकते हैं जहाँ छोटे डेयरी उत्पादकों का सिस्टम है.
इससे वे अपने इकोसिस्टम को मजबूत कर सकते हैं और स्थानीय स्तर पर अपनाए जा सकने वाले सफल समाधानों के माध्यम से बड़े पैमाने पर लाभ (economies of scale) प्राप्त कर सकते हैं.
दौरे के हिस्से के रूप में, प्रतिनिधिमंडल ने सहकारी आंदोलन में सुश्री मणिबेन पटेल के योगदान का सम्मान करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी और GCMMF (अमूल) तथा अमूल चॉकलेट प्लांट का दौरा किया.











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