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Dairy News: बिहार में डेयरी प्लांट का होगा विस्तार, ज्यादा लोगों को जोड़ेगी सरकार, बढ़ेगा रोजगार

The revised NPDD will give an impetus to the dairy sector by creating infrastructure for milk procurement
प्रतीकात्मक तस्वीर।

नई दिल्ली. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पिछले दिनों पटना डेयरी प्रोजेक्ट, सुधा फुलवारी शरीफ का निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने प्रोडक्शन हॉल, आइस्क्रीम प्लांट, दही कोल्ड रूम सहित विभिन्न इकाईयों का निरीक्षण किया और प्रोडक्ट के संबंध में जानकारी ली. इसके बाद कॉन्फ्रेंस हॉल में हुई बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2008 से कृषि रोड मैप की शुरूआत की गई है. कृषि रोड मैप में कृषि कार्य और इससे जुड़े कामों के विकास के लिए कई कदम उठाए गए हैं. कृषि रोड मैप के लागू होने से फसल का उत्पादन और उत्पादकता बढ़ी है. साथ ही राज्य में दूध का उत्पादन भी बढ़ा है. इससे किसानों और दुग्ध उत्पादकों को काफी फायदा हो रहा है.

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि डेयरी प्लांट का और विस्तार करें. उन्होंने कहा कि दूध उत्पादन समितियों का और विस्तार करें. अधिक से अधिक लोगों को जोड़ें, जिससे उनकी आमदनी बढ़ेगी. साथ ही रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे. बिहार में दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए कार्य करें. साथ ही प्रोसेसिंग की क्षमता का भी विस्तार करें. प्रोक्यूरमेंट इन्फ्रास्ट्रक्चर का और विस्तार करें.

7.5 लाख पशुपालक जुड़े
उन्होंने कहा कि यहां काम करने वाले लोगों के रहने की भी व्यवस्था करें ताकि वे अच्छे से काम कर सकें.

इससे पहले 54 लाख लीटर प्रतिदिन है कॉम्फेड की कुल प्रोसेसिंग क्षमता बैठक में बिहार राज्य सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ लिमिटेड (कॉम्फेड) के प्रबंध निदेशक शीर्षत कपिल अशोक ने कॉम्फेड के कार्यों की ताजा स्थिति की जानकारी दी.

इस दौरान एक वीडियो फिल्म भी प्रस्तुत की गई. कपिल अशोक ने कॉम्फेड के है. विजन, अगले पांच वर्ष की योजना, दूध संघ, दूध समिति, प्रोक्यूरमेंट इन्फ्रास्ट्रक्चर, न्यू प्रोडक्ट लॉन्च आदि की जानकारी दी.

उन्होंने बताया कि अभी कुल कार्यरत ग्रामस्तरीय दुग्ध सहकारी समितियों की संख्या 21 हजार से भी अधिक है जिससे लगभग 7.5 लाख पशुपालक जुड़े हुए हैं, जिनमें लगभग 1.9 लाख (25 प्रतिशत) महिलाएं हैं.

ये समितियां प्रतिदिन औसतन 22 लाख किलोग्राम दूध एकत्र करती हैं और इसकी अधिकतम क्षमता लगभग 30 लाख किलोग्राम प्रतिदिन तक पहुंच जाती है.

एकत्र दूध के प्रोसेसिंग की भी पूर्ण व्यवस्था उपलब्ध है. वर्तमान में कॉम्फेड की कुल प्रोसेसिंग क्षमता 54 लाख लीटर प्रतिदिन है.

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