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Dairy News: एनडीडीबी की मदद से यहां बनेगा नया कैटल शेड और मिल्किंग पार्लर, हुआ शिलान्यास

शिलान्यास करते हुए एनडीडीबी के चेयरमैन.

नई दिल्ली. राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड NDDB के चेयरमैन डॉ. मीनेश सी शाह ने प्रमुख स्वामी महाराज खोडाधोर पंजरापोल (गौशाला), डाकोर BAPS स्वामी नारायण संस्था में नए कैटल शेड और मिल्किंग पार्लर का शिलान्यास किया. इस मौके पर NDDB के चेयरमैन ने कहा कि पिछले चार सालों से, NDDB गायों, भैंसों और अन्य मवेशियों के लिए एक टिकाऊ और आत्मनिर्भर गौशाला मॉडल विकसित करने के लिए BAPS गौशाला, डाकोर के साथ मिलकर काम कर रहा है, ताकि लंबे समय में किसी बाहरी फंडिंग सपोर्ट की जरूरत न पड़े. उन्होंने कहा कि NDDB के प्रयासों के तहत, गौशाला में पुराने और खराब बायोगैस प्लांट को एक नई बायोगैस यूनिट से बदल दिया गया है.

एनडीडीबी के चेयरमैन मीनेश शाह ने कहा कि बेहतर क्वालिटी के जानवर विकसित करने के लिए IVF-ET और सेक्स-सॉर्टेड सीमेन जैसी एडवांस्ड ब्रीडिंग टेक्नोलॉजी शुरू की गई हैं. भारत की बेहतरीन देसी नस्लों, खासकर गिर और जाफराबादी के संरक्षण और जेनेटिक सुधार पर खास जोर दिया जा रहा है.

गौशाला का किया जा रहा अपग्रेडेशन
गौशाला का बड़े पैमाने पर अपग्रेडेशन किया जा रहा है, जिसमें फार्म इंफ्रास्ट्रक्चर और मैनेजमेंट के तरीके शामिल हैं.

मवेशियों और बछड़ों के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट को NDDB की पूरी तरह से स्वामित्व वाली सहायक कंपनी इंडियन इम्यूनोलॉजिकल्स लिमिटेड द्वारा CSR फंडिंग के जरिए सपोर्ट किया जा रहा है.

उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट को IDMC लिमिटेड द्वारा लागू किया जा रहा है. आधुनिक मिल्किंग पार्लर से एक साथ कई जानवरों का दूध निकालना संभव होगा.

आवास क्षमता बढ़ाने के लिए कैटल शेड का चरणबद्ध तरीके से और विस्तार किया जाएगा.

कार्यक्रम के दौरान, भागवत चरण स्वामीजी ने कहा कि यह कार्यक्रम टिकाऊ गौशाला विकास, देसी नस्लों के संरक्षण और वैज्ञानिक डेयरी तरीकों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.

मिल्किंग पार्लर के फायदे
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मिलकिंग पार्लर के कई फायदे होते हैं जिसमें समय की बचत होती है.

कम मजदूरों की जरूरत होती है यानि श्रम की भी कमी होती है दूध की गुणवत्ता और स्वच्छता में इजाफा होता है. इतना ही नहीं पशुओं के लिए आराम भी इसमें शामिल है.

जिससे डेयरी फार्मिंग और ज्यादा कुशल और फायदेमंद हो जाती है. वहीं ये दूध को गंदगी से बचाता है और ऑटोमेटिक सिस्टम से उत्पादकता में भी इजाफा हो जाता है.

जिससे कम समय में गए या भैंस का दूध निकालने में मदद मिलती है इससे डेयरी फार्मिंग में मुनाफा कई गुना बढ़ जाता है.

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