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Animal Husbandry Tips: डिलीवरी के संकेत आने के बाद 30 मिनट के अंदर पशु देता है बच्चे को जन्म

Pushkar mela
पुष्कर मेले में चैंपियन बन गया है ये भैंसा.

नई दिल्ली. पशु जब ब्याने वाला होता है तो कुछ संकेत देता है और इसका पता होना एक पशुपालक के तौर पर बेहद जरूरी है. बिहार सरकार के डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के एक्सपर्ट का कहना है कि अगर पशु भी ब्याने वाला है और उसके संकेत पता हैं तो इससे कई फायदे मिलते हैं. जैसे गंभीर स्थिति में तुरंत पशु चिकित्सक को बुलाने और सहायता करने में मदद मिलती है. अगर कोई जटिलता है तो समय पर पता चलने से जेर गिरना या डिलीवरी के दौरान होने वाले संक्रमण जैसी गंभीर समस्याओं को रोकने में भी इससे मदद मिलती है. समय पर मदद मिल जाने से मां और बछड़े दोनों की जान बचाई जा सकती है. नहीं तो ऐसे में उनकी मौत होने पर पशुपालक को बड़ा आर्थिक नुकसान हो सकता है.

इतना ही नहीं सामान्य और सफल प्रसव की संभावना भी बढ़ जाती है. ब्याने के बाद मां की कैल्शियम ऊर्जा की जरूरत को पूरा करने में भी मदद मिलती है. ऐसे में हर पशुपालक भाई को इस बारे में जानकारी जरुर कर लेना चाहिए. इस रिपोर्ट में लाइव स्टॉक एनिमल न्यूज (Livestock Animal News) आपको इसी बारे में अहम जानकारी देने जा रहा है कि 24 घंटा पहले और तीन से चार घंटा पहले किस तरह के संकेत पशु देते हैं.

कितना लगता है समय
सामान्य रूप से ब्याते समय बच्चे के आगे के पैर और सिर सबसे पहले दिखाई देते हैं.

ब्याने की शुरुआत पानी का थैला दिखाई देने से होती है.

यदि बच्चे की स्थिति सामान्य है तो पानी का थैला फटने के 30 मिनट के अंदर पशु बच्चे को जन्म दे देती है.

प्रथम बार ब्याने वाली बछड़ियों में यह समय 4 घंटे तक हो सकता है.

पशु खड़े-खड़े या बैठकर ब्या सकता है.

यदि पशु को लेबर पेन शुरू हुए एक घंटे से ज्यादा समय हो जाए और पानी का थैला दिखाई न दे तो तुरंत पशु चिकित्सा सहायता बुलानी चाहिए.

ब्याने से 24 घंटे पहले के संकेत
योनि से साफ श्लेष्मा का रिसाव और थनों का दूध से भर जाना.

पशु समूह से अलग रहने की कोशिश करता है.

पशु की भूख खत्म हो जाती है.

पशु बेचैन होता है और पेट पर लातें मारता है या अपने पार्श्व व बगलों को किसी चीज से रगड़ने लगता है.

योनि का आकार बड़ा एवं मांसल हो जाता है.

जेर का निकलना
आमतौर पर जेर पशु के ब्याने के 3-8 घंटे बाद गिर जाती है.

अगर ब्याने के 12 घंटे बाद तक भी गर्भनाल न गिरे तो इसे गर्भनाल का रुकाव (ROP) कहते हैं.

कभी भी रुकी हुई गर्भनाल को ताकत लगाकर नहीं खींचे, इससे खून का बहाव हो सकता है और कभी-कभी पशु की मौत भी हो सकती है.

यदि प्रसव के 12 घंटे बाद तक पशु गर्भनाल और जेर नहीं गिराता है, तो तुरंत पशु चिकित्सक से परामर्श करना चाहिए.

Written by
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