नई दिल्ली. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गो-माता और गो-पालन का हमारी सनातन संस्कृति में महत्वपूर्ण स्थान है. जो गो-पालन करता है वह गोपाल है और जहां गो-पालन होता है वह घर गोकुल है. कहा कि गो-संरक्षण एवं संवर्धन सरकार की उच्च प्राथमिकता है, जिसके लिए सरकार समाज के सहयोग से निरंतर कार्य कर रही है. मध्य प्रदेश में दूध उत्पादन को बढ़ाकर पशुपालक किसानों की आय को दोगुना किया जाएगा. मध्यप्रदेश अपनी प्राकृतिक संपदा के साथ गो-वंश से समृद्ध राज्य है. देश के दूध उत्पादन का लगभग 9 प्रतिशत मध्य प्रदेश में होता है.
उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का लक्ष्य इसे 20 प्रतिशत तक ले जाना है. इसके लिए प्रदेश के गांव-गांव में दूध समृद्धि संपर्क चलाया जा रहा है, जिसके तहत पशु चिकित्सक घर-घर जाकर पशुपालकों को दूध उत्पादन बढ़ाने के विभिन्न आधुनिक तरीकों, पशुओं में नस्ल सुधार, पशु स्वास्थ्य एवं पशु पोषण आदि के संबंध में जानकारी दे रहे हैं. प्रदेश में वर्ष 2024-25 को गो-संरक्षण एवं संवर्धन वर्ष के रूप में मनाया गया.
पूरे राज्य में चला ये अभियान
मध्यप्रदेश शासन गो-पालन, गो-संवर्धन व गो-वंश के बेहतर व्यवस्थापन के लिए कृत संकल्पित है. राज्य शासन ने गो-शालाओं में गो-वंश के आहार आदि के लिए दी जाने वाली अनुदान राशि को 20 रुपये प्रति गो-वंश प्रतिदिन से बढ़ाकर 40 रु पए प्रति गो-वंश प्रतिदिन कर दिया है.
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती 2 अक्टूबर से पूरे प्रदेश में दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान चलाया गया.
अभियान के अंतर्गत गांव गांव में घर-घर जाकर पशुपालकों को पशुओं में नस्ल सुधार, कृत्रिम गर्भाधान, पशुओं के टीकाकरण, उनकी स्वास्थ्य रक्षा, संतुलित पशु आहार, पशु पोषण आदि के बारे में तकनीकी और व्यावहारिक जानकारी दी गई.
पशुपालकों को उपलब्ध संसाधनों में कम खर्च पर अधिक दूध उत्पादन करने और ज्यादा लाभ कमाने के बारे में जागरूक किया गया.
हर जिले में मनाया जाएगा गोवर्धन पर्व
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 21 अक्टूबर को गोवर्धन पर्व लोक अनुष्ठान और सांस्कृतिक परंपराओं के अनुसार मनाया जाएगा. आयोजन में गौशालाओं तथा पशुपालकों को विशेष रूप से सहभागी बनाया जाए.
साथ ही गोवर्धन पर्व पर पशुपालन तथा दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में विशेष उपलब्धियां दर्ज करने और नवाचार करने वाले उद्यमियों को सम्मानित भी किया जाएगा.
प्रदेश की गौ-शालाओं में गोवर्धन पर्व का सामुदायिक आयोजन होगा. गोवर्धन पर्व का मुख्य आयोजन रवीन्द्र भवन भोपाल में किया जाएगा, जिसमें गोवर्धन पूजन, परिक्रमा, अन्नकूट भोग मुख्य होगा.












