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Dairy News: डेयरी सेक्टर के विकास के लिए 3 हजार करोड़ रुपए खर्च करेगी एमपी सरकार

According to FSSAI, Mobile Food Testing Laboratory (MFTL), also known as “Food Safety on wheels” (FSW), play a crucial role in expanding food testing, training, and awareness programs, particularly in villages, towns, and remote areas.
दूध की प्रतीकात्मक तस्वीर।

नई दिल्ली. मध्य प्रदेश सरकार ने हाल ही में 2973 करोड़ रुपए की डेयरी विकास परियोजना को मंजूरी दी है. इसमें सिर्फ दूध प्रोसेसिंग के लिए 1557 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे. असल में सरकार का मनना है कि दूध उत्पादन ग्रामीण समृद्धि की नई शक्ति है. खेती के साथ डेयरी, किसान परिवारों की आय का मजबूत आधार है. कृषि आधारित अर्थव्यवस्था में पशुपालन और दूध उत्पादन का विशेष महत्य है. जहां फसल में आय मौसम और उत्पादन चक्र के अनुसार प्राप्त होती है, वहीं डेयरी किसान परिवारों के लिए नियमित आय का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन सकती है. मध्य प्रदेश में दूध उत्पादन को बढ़ाने और पशुपालकों को अधिक संगठित आय विकसित करने की दिशा में कई काम किया जा रहा है.

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्य प्रदेश को दूध उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों में शामिल करने की दिशा में काम करने की बात कही है. राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के सहयोग और उन्नत नस्ल के पशुधन को बढ़ावा देकर दूध उत्पादन क्षमता में वृद्धि की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं.

दुग्ध समृद्धि का नया मॉडल
उन्नत नस्ल, वैज्ञानिक पशुपालन, बेहतर चारा प्रबंधन, स्वास्थ्य पशु, आधुनिक डेयरी और मजबूत बाजार से पशुपालक परिवारों की आय बढ़ाई जा सकती है.

सरकार का कहना है कि डेयरी से उद्यमिता तक पशुपालन अब सिर्फ परंपरा नहीं, नए रोजगार और व्यवसाय का अवसर बन गया है.

मुख्यमत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में पशुपालन और डेयरी माध्यम के रूप में आगे बढ़ाने की दिशा में कई अहम काम किए जा रहे हैं.

डेयरी उद्यमिता की श्रृंखला के लिए ये काम भी होंगे.
26 हजार गांवों तक डेयरी सहकारी व्यवस्था के विस्तार का लक्ष्य सरकार की तरफ स रखा गया है.

दूध संकलन क्षमता को बढ़ाना भी सरकार लक्ष्य है. अब इसे 12 लाख किलो प्रतिदिन से बढ़ाकर 52 लाख किलो प्रतिदिन करने का लक्ष्य सरकार ने रखा है.

दूध प्रोसेसिंग क्षमता 17.8 लाख लीटर प्रतिदिन से बढ़ाकर 63.3 लाख लीटर प्रतिदिन करने का लक्ष्य सरकार ने रखा है.

पैकेट दुध विक्रय 7 लाख लीटर प्रतिदिन से बढ़ाकर 35 लाख लीटर प्रतिदिन किए जाने का लक्ष्य सरकार ने तय किया है.

कृत्रिम गर्भाधान कवरेज 15 परसेंट से बढ़ाकर 50 परसेंट करने का लक्ष्य भी सरकार है.

Written by
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