Home डेयरी Dairy: GST स्लैब में कमी से डेयरी सेक्टर को होगा हजारों करोड़ का फायदा, मिलावटखोरी पर लगेगी लगाम
डेयरी

Dairy: GST स्लैब में कमी से डेयरी सेक्टर को होगा हजारों करोड़ का फायदा, मिलावटखोरी पर लगेगी लगाम

The revised NPDD will give an impetus to the dairy sector by creating infrastructure for milk procurement
प्रतीकात्मक तस्वीर।

नई दिल्ली. जीएसटी में कई कटौती से हर सेक्टर को फायदा मिल रहा है. वहीं डेयरी सेक्टर (Dairy Sector) भी इससे अछूता नहीं है. इस सेक्टर को भी अच्छा फायदा मिलने जा रहा है. सरकार की ओर से जीएसटी स्लैब में बदलाव की वजह से न सिर्फ डेयरी सेक्टर को बल्कि पशुपालकों और यहां तक की ग्राहकों को भी फायदा होगा. वहीं ग्राहकों को मिलावटी घी-पनीर से भी छुटकारा मिलने की उम्मीद है. क्योंकि मिलावटी डेयरी प्रोडक्ट का बाजार में आना कहीं न कहीं एक बड़े हिस्से का असंगठित क्षेत्र में होना है. इंडियन डेयरी एसोसिएशन (IDA) की तरफ से बताया गया कि अब असंगठित लोग संगठित दायरे में आने लगेंगे.

कहा जा रहा है कि अब डेयरी सेक्टर बड़ा होगा तो इसके चलते खुद ब खुद सरकार को टैक्स मिलेगा जो जीएसटी में कटौती की गई है, कहीं ना कहीं सरकार के पास इस सेक्टर के बड़ा होने से टैक्स आ जाएगा.

एक्सपर्ट ने क्या कहा
आईडीए के प्रेसिडेंट और अमूल के पूर्व एमडी डॉ. आरएस सोढ़ी की मानें अब डेयरी सेक्टर में एक बड़ा तबका जो असंगठित क्षेत्र में काम कर रहा है.

वह संगठित क्षेत्र में आ जाएगा. इससे डेयरी सेक्टर बड़ा होगा और सरकार को उससे टैक्स मिलने लगेगा.

उन्होंने कहा कि हमारी संस्था बहुत दिनों से इस तरह की मांग कर रही थी. सरकार को तमाम चीजों से आगाह भी किया गया था. जिसे सरकार ने मान लिया है.

जिसके चलते 11400 करोड़ रुपए का फायदा इस सेक्टर को होगा और इस फायदे में पशुपालक, आम ग्राहक और डेयरी सेक्टर से जुड़े तमाम लोग आएंगे.

ग्राहकों को अब दूध से बने प्योर डेयरी आइटम मिलने लगेंगे. मिलावटखोरी में बहुत कमी आएगी. जबकि घी सस्ता हो जाएगा तो उसमें कोई मिलावट नहीं करेगा.

अभी तक घी पर 12 फीसद तक जीएसटी था जिसे 5 फ़ीसदी कर दिया गया है. वहीं पनीर एक दूसरा प्रोडक्ट है जिसमें खूब मिलावट होती है.

सरकार ने पनीर को टैक्स फ्री कर दिया है. जिससे पनीर भी सस्ता हो जाएगा तो मिलावट कम होगी.

घी और पनीर की मार्केट में खूब डिमांड रहती है. यही वजह है कि इसमें खूब मिलावट की जा रही थी.

सरकार ने यूएचटी मिल्क पर टैक्स खत्म कर दिया गया है. वहीं कंडेंस्ड मिल्क पर टैक्स 12 से 5 फीसद कर दिया गया है.

इसी तरह से सरकार ने घी, बटर और बटर ऑयल पर टैक्स 12 से 5 फीसद कर दिया गया है. जबकि चीज पर टैक्स 12 से 5 फीसद कर दिया गया है.

छैना और पनीर पर टैक्स पूरी तरह से खत्म कर दिया गया है. जिससे मिलावटखोरी पर कंट्रोल होने की उम्मीद है.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

डेयरी

Dairy: तेलंगाना में दूध की खरीद को बढ़ाने में सहयोग करेगा एनडीडीबी, सरकार से हुआ समझौता

नई दिल्ली. राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) ने तेलंगाना राज्य में सहकारी...

पनीर असली है या नकली इसकी पहचान करने का सबसे पहला तरीका यह है कि पनीर के टुकड़े को हाथों से मसलकर देखें.
डेयरी

Dairy: डिटर्जेंट और यूरिया मिलाकर बना रहे पनीर, जांच करने पर नमूनों में मिली 97 फीसद तक मिलावट

नई दिल्ली. राजस्थान की राजधानी जयपुर में लोगों की जिंदगी से खिलवाड़...

Animal Husbandry: Farmers will be able to buy vaccines made from the semen of M-29 buffalo clone, buffalo will give 29 liters of milk at one go.
डेयरी

Dairy Sector: पूर्वोत्तर राज्यों में सहकारी डेयरी नेटवर्क को विस्तारित करेगी सरकार

नई दिल्ली. अगर कहीं भी सरकार सहकारी डेयरी नेटवर्क का विस्तार करती...

हरित प्रदेश मिल्क प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन सदस्यों को बोनस का तोहफा दिया जा रहा है.
डेयरीसरकारी स्की‍म

Milk Production: दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए डेयरी किसानों को दी जा रही प्रोत्साहन राशि

नई दिल्ली. बिहार के बरौनी सुधा डेयरी से जुड़े दूध उत्पादक किसानों...