नई दिल्ली. अंडा उत्पादन के लिए पाली जा रही लेयर मुर्गियों को प्रोटीन की जरूरत होती है. क्योंकि प्रोटीन अंडा बनाने में मददगार होता है. वहीं अंडा प्रोटीन का सबसे सस्ता और अच्छा सोर्स होता है. प्रोटीन जब मुर्गियों को मिलता है तभी वो प्रोटीन से भरपूर अंडों का उत्पादन कर पाती हैं. ऐसे में पोल्ट्री फार्मर्स को चाहिए कि वो मुर्गियों को प्रोटीन उपलब्ध करानी वाली चीजें खिलाएं. जिससे मुर्गियों को जरूरत के मुताबिक प्रोटीन मिले और इससे मुर्गियां अंडों का उत्पादन भी करें और इससे पोल्ट्री फार्मर्स को नुकसान न झेलना पड़े.
एक्सपर्ट का कहना है कि मुर्गियों से ज्यादा अंडा लेने और प्रोटीन से भरपूर अंडा लेने के लिए उन्हें मछली का चूरा और सोयाबीन खिलाना चाहिए. इन दोनों चीजों को खाने से मुर्गियों को भरपूर मात्रा में प्रोटीन मिलता है और मुर्गियां हर दिन अंडों का उत्पादन करती हैं. आइए इस बारे में यहां जानते हैं.
कैसे अंडा उत्पादन बढ़ता है
अंडों के उत्पादन के लिए पाली जा रही हैं मुर्गियों को जब मछली का चूरा खिलाया जाता है तो इससे भी अंडों के उत्पादन में तेजी आती है.
इसके अलावा सोयाबीन भी अंडों के उत्पादन को बढ़ाने में कारगर है. अंडे में प्रोटीन मौजूद होता है और अंडे बनाने के लिए प्रोटीन ही कच्चा माल होता है.
तो ऐसे में मछली का चूरा और सोयाबीन में मौजूद भरपूर मात्रा में प्रोटीन खाने से मुर्गियों को अंडा बनाने में आसानी होती है.
अगर आप लगातार मुर्गियों को मछली का चूरा और सोयाबीन खिलाते हैं तो मुर्गियां ज्यादा अंडे देंगी और अंडों की क्वालिटी भी अच्छी होगी.
यदि सही मात्रा में मुर्गियों को प्रोटीन नहीं मिल पाता है तो मुर्गियां अंडा देना बंद कर देती हैं. या फिर अंडा देना कम कर देती हैं. इसलिए पोल्ट्री फार्मिंग में नुकसान होता है.
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अंडे उत्पादन के लिए पाली गईं एक मुर्गी को लगभग 16 से 18 फीसद प्रोटीन की जरूरत होती है.
निष्कर्ष
अगर मुर्गियों को जरूरत के मुताबिक प्रोटीन मिल जाता है तो वो सामान्य तौर पर अंडे देती हैं. या उनका अंडा प्रोडक्शन ज्यादा भी हो जाता है लेकिन इसमें कमी होती है तो अंडों का उत्पादन घट जाता है.












