Home पोल्ट्री Poultry: पोल्ट्री फार्म में इन 20 बातों का रखा खास ख्याल तो मुर्गियों की बीमारी का खर्च हो जाएगा जीरो
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Poultry: पोल्ट्री फार्म में इन 20 बातों का रखा खास ख्याल तो मुर्गियों की बीमारी का खर्च हो जाएगा जीरो

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नई दिल्ली. पोल्ट्री फार्म अंडा उत्पादन के लिए शुरू किया जाए या फिर चिकन के लिए, फार्म में सबसे ज्यादा लागत फीड (दाने) पर आती है. और इसके बाद दूसरे नंबर पर दवाईयों पर खर्च होता है. क्लाइमेट चेंज के चलते मुर्गियां आए दिन किसी ना किसी बीमारी की चपेट में आती रहती हैं. बर्ड फ्लू और रानीखेत तो ऐसी बीमारी है जिसके चलते एक लाइन से मुर्गियां मरने लगती हैं. जब भी ये बीमारियां फैलती हैं तो दवाई पर खर्च होने के साथ ही मुर्गियां मरने से बड़ा नुकसान भी होता है. लेकिन पोल्ट्री एक्सपर्ट की मानें तो कुछ चीजें ऐसी हैं जिनका पोल्ट्री फार्म में लगातार इस्तेमाल करने से मुर्गियों की मौत और बीमारी पर होने वाले खर्च से बचा जा सकता है.

फार्म को बीमारियों और संक्रमण से बचाने के लिए ये भी जरूरी है कि पोल्ट्री फार्म में मौजूद वेस्ट, कार्बनिक और दूसरा ऐसा वेस्ट जिसका कीटाणुशोधन नहीं किया जा सकता है उसे कहीं दूर नष्ट कर देना चाहिए. खासतौर से कूड़ा, खराब अंडे, अंडे के उत्पाद, घास, फीड, पंख और अंडे की ट्रे को नष्ट करना ही ठीक रहता है. कूड़े के साथ मरी हुई मुर्गियों को दफनाने के साथ ही जला भी सकते हैं. लेकिन जहां भी ये दोनों काम करें तो वहां पानी जमा ना होने दें.
अंडे-चिकन किसी के भी पोल्ट्री फार्म से मुनाफा कमाने के लिए जरूरी है कि नुकसान कम करने के लिए बायो सिक्योरिटी के तहत 20 बातों का फार्म में पालन करने की. इन 20 बातों में फार्म में इस्तेमाल होने वाले उपकरण, फीड, पानी, फार्म के कर्मचारी, फार्म में बाहर से आने वाली गाडि़यां, बाहर से आने वाले लोग, फार्म में मुर्गियों का नया बैच आने से पहले की तैयारी आदि सब शामिल हैं.

पोल्ट्री फार्म और उपकरणों की ऐसे करें सफाई
हैचरी, अंडा स्टोर रूम, पैकेजिंग रूम, अंडा ट्रॉली, अंडा उत्पाद प्लांट को ठीक से कीटाणुरहित किया जाता रहना चाहिए.
मुर्गियों, अंडों की ढुलाई, पोल्ट्री फीड की ढुलाई में इस्तेमाल होने वाले वाहनों को भी कीटाणुरहित किया जाना चाहिए.
फार्म में जहां संक्रमण फैला हो वहां दीवारों, फर्श और छतों की धुलाई और कीटाणुशोधन किया जाना चाहिए.
मुर्गियों के केज (पिंजरे) को हीट देकर कीटाणुरहित किया जा सकता है.
फार्म में पानी पीने और फीड खाने वाले उपकरण को कम से कम 48 घंटों तक धोया जाना चाहिए. कीटाणुनाशक ट्रीटमेंट भी देना चाहिए.
फार्म में जहां पीने का पानी स्टोर किया जाता है उसे भी खाली कर अच्छी तरह से धोना और कीटाणुरहित किया जाना चाहिए.
फीड टैंक (साइलो) को खाली करके गर्म पानी के प्रेशर पंप से धोना चाहिए.
धोने और कीटाणुरहित करने के बाद फार्म की सभी यूनिट को कम से कम दो सप्ताह में दो बार धूम्रीकरण करना चाहिए.
फार्म के मजदूरों और आने वाले अधिकारियों के हाथ, पैर साफ करने के लिए रेक्टिफाइड स्पिरिट या सेवलॉन, डेटॉल का इस्तेमाल करना चाहिए.
जूते साफ करने के लिए फुट मैट पर एंट्री गेट के पास ही NaOH के 2 फीसद घोल का इस्तेमाल करना चाहिए.
ही NaOH के 2 फीसद घोल का इस्तेमाल गमबूट और अन्य वस्तुओं को साफ करने के लिए भी किया जा सकता है.
सोडियम हाइपोक्लोराइट: 2 फीसद सक्रिय क्लोरीन घोल (उपकरणों को कीटाणुशोधन करने के लिए).
क्वाटरनेरी अमोनियम लवण: 4 फीसद घोल (दीवारों, फर्शों, छतों और उपकरणों को ट्रीट करने के लिए).
कैल्शियम हाइड्रोक्साइड: 3 फीसद घोल (दीवारों और फर्शों का उपचार करने के लिए).
क्रेसोलिक एसिड 2.2 फीसद घोल: (फर्श का उपचार करने के लिए).
सिंथेटिक फिनोल 2 फीसद घोल: (फर्शों का उपचार करने को).
धूम्रीकरण के लिए फॉर्मेलिन और परमैंगनेट का इस्तेमाल करें.
अंडे और अंडे के उत्पादों को पशुओं के शवों के साथ गड्ढे में दफनाने के साथ जला भी सकते हैं.
खराब और बचे हुए फीड को अधिक सुविधाजनक तरीके से जलाया जा सकता है.
मरी हुई मुर्गियों को नष्ट करने में लगे कर्मचारियों के सुरक्षात्मक कपड़ों को भी जला देना चाहिए.

Written by
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