Home मछली पालन Fish Aquarium: फिश एक्वेरियम में कितने दिनों में कौन सा पानी डालें और कितने दिनों बदलें, जानें
मछली पालन

Fish Aquarium: फिश एक्वेरियम में कितने दिनों में कौन सा पानी डालें और कितने दिनों बदलें, जानें

एक्वेरियम का पानी आपको हर सप्ताह 10 फीसदी तक बदल देना चाहिए.
फिश एक्वेरियम का प्रतीकात्मक फोटो।

नई दिल्ली. रंगीन मछलियां घर में हों या आफिस में दोनों जगहों को और सुंदर बनाती हैं. शाम हो या सुबह घर हो या दफ्तर एक्वेरियम देखने से मन की थकान दूर हो जाती है. साफ पानी, हरे पेड़ और रंगीन मछलियां, ये सभी एक साथ मिलकर एक अलग दुनिया में ले जाते हैं. अगर आप भी अपने घर पर एक्वेरियम रखना चाहते हैं तो कुछ बातों का ध्यान देना जरूरी होता है कि फिश एक्वेरियम में पानी को कब बदलना चाहिए और कौन सा पानी डालना चाहिए. आइये इस आर्टिकल के जरिए जानते हैं इसकी जानकारी. एक्वेरियम का पानी नियमित रूप से बदलने की आवश्यकता होती है, आमतौर पर हर हफ्ते 10 फीसदी से 25 फीसदी पानी बदलना चाहिए. हालांकि, कुछ लोगों का मानना है कि हर 3 दिन में आधा पानी बदलना चाहिए.

एक्वेरियम में आक्सीजन की मात्रा सही बनाए रखना बेहद जरूरी होता है, जिससे मछलियों को पर्याप्त आक्सीज मिल सके और आपके एक्वेरियम की मछलियां लंबे समय तक स्वस्थ्य बनी रहें. एक्वेरियम में ऑक्सीजन बढ़ाने के लिए पानी की स्पीड बढ़ाना सबसे अच्छा तरीका है. इसे आप एयर पंप, एयर स्टोन या पानी को हिलाकर कर सकते हैं. इसके अलावा, पानी की सतह पर ज्यादा से ज्यादा हवा के बुलबुले आने दें, जिससे पानी में ऑक्सीजन घुले. कुछ तरीको से आप एक्वेरियम की आक्सीजन केा बढ़ा सकते हैं.

एक्वेरियम का पानी कितने दिनों में बदलें: एक्वेरियम का पानी आपको हर सप्ताह 10 फीसदी तक बदल देना चाहिए. इसके लिए आपको करना ये है कि हर हफ्ते ऊपर से थोड़ा पानी निकालकर साफ पानी मिला लें. इसके अलावा हर महीने 25 प्रतिशत तक पानी बदल लेना चाहिए. पानी बदलना फंगस को साफ करने, जीवित पौधों की छंटाई करने, प्लास्टिक की सजावट को साफ करने और एयर पंप के काम काज को आसान कर सकता है.

जानिए फिश में कौन से पानी का इस्तेमाल करना चाहिए: फिश एक्वेरियम में कौन सा पानी डालना चाहिए? फिश एक्वेरियम में pH 6.5 से लेकर 8.2 तक होना चाहिए और पानी में खारापन होना चाहिए. इसलिए फिश टैंक में नॉर्मल नल का पानी डालें. हालांकि, पानी डालने के बाद इसमें Chlorine, Ammonia और Nitrite जैसे कैमिकल्स की कुछ बूंदे डालें.

छोटे गोलाकार के लिए सुनहरी मछली खरीद सकते हैं: अगर आप एक छोटा सा गोलाकार एक्वेरियम खरीद रहे हैं, तो आमतौर पर उसमें छोटी-सुनहरी मछली रखी जा सकती हैं. बेहतर ये होगा कि आप उसमें बड़ी मछली ना रखें. वैसे अगर आप बड़ा एक्वेरियम खरीद रहे हैं, तो इसमें आप अपनी पसंद के अनुसार तरह-तरह की मछलियां रख सकती हैं.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

मछली पालन

Fisheries: प्रोडक्ट ब्रांडिंग और स्मार्ट पैकेजिंग जैसे कामों से भी फिशरीज सेक्टर में कर सकते हैं ग्रोथ

नई दिल्ली. नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चरल एक्सटेंशन मैनेजमेंट (MANAGE) फिशरीज इनोवेशन एंड...

मछली में कुछ बीमारियां ऐसी हैं जो पूरे मछली के बिजनेस को नुकसान पहुंचा सकती हैं.
मछली पालन

Fish Production: छत्तीसगढ़ में हुआ दोगुना मछली उत्पादन, 10 लाख टन पहुंचा प्रोडक्शन

नई दिल्ली. केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय के मत्स्य विभाग...

Deep Sea fishing vessels, Ice Plants, Livelihood & Nutritional Support have been implemented in Kakinada District.
मछली पालन

Fish Farming: मछली पालकों की आर्थिक सुरक्षा बढ़ाई गई, छत्तीसगढ़ में हुए कई विकास कार्य

नई दिल्ली. मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के मत्स्य विभाग ने...

यहां मानसून जून से सितम्बर तक चलता है. औसत वर्षा करीब 57 सेमी. होती है.
मछली पालन

Fish Farming: बाजार में मछली की गिरती कीमतों के बीच सरकार ने दी मछली पालकों को राहत

नई दिल्ली. आंध्र प्रदेश सरकार ने जानकारी दी है कि ई-फिश प्लेटफॉर्म...