Home मछली पालन Fisheries: मछली पालन पर नहीं होगा मौसम का असर, इस खास यूनिट से मिलेगा फायदा, पढ़ें डिटेल
मछली पालन

Fisheries: मछली पालन पर नहीं होगा मौसम का असर, इस खास यूनिट से मिलेगा फायदा, पढ़ें डिटेल

उद्धाटन करते केंद्रीय मंत्री.

नई दिल्ली. केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी एवं पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह (ललन सिंह) ने तेलंगाना के रंगा रेड्डी जिले के कंदुकुर मंडल में स्मार्ट ग्रीन एक्वाकल्चर फार्म और अनुसंधान संस्थान व अत्याधुनिक रीसर्कुलेटरी एक्वाकल्चर सिस्टम (आरएएस) यूनिट का उद्घाटन किया. भारत के इस पहले कमर्शियल स्तर के रीसर्कुलेटरी एक्वाकल्चर सिस्टम (आरएएस) पर आधारित रेनबो ट्राउट मछली फार्म और अनुसंधान संस्थान का उद्घाटन भारतीय मत्स्य पालन के विकास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है. इससे एक तरफ मछली पालन बढ़ेगा तो वहीं दूसरी ओर इससे जुड़े लोगों की इनकम भी.

इस दौरान केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ने इस यूनिट के फायदे भी गिनाए. उद्घाटन के इस अवसर पर मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी एवं अल्पसंख्यक राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन, मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी एवं पंचायती राज राज्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल और तेलंगाना सरकार के पशुपालन एवं मत्स्य पालन मंत्री वकिति श्रीहरि उपस्थित थे.

क्यों है नई तकनीकों की जरूरत
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस संस्थान ने निर्णायक रूप से यह सिद्ध कर दिया है कि रेनबो ट्राउट जैसी उच्च मूल्य वाली ठंडे पानी की प्रजातियों का पालन उष्णकटिबंधीय (Tropical) जलवायु में सटीक इंजीनियरिंग, नियंत्रित जैविक प्रणालियों और उन्नत जल रिसाइकल टेक्नोलॉजी का उपयोग करके पूरे वर्ष किया जा सकता है.

इस उपलब्धि ने इस पारंपरिक धारणा को बदल दिया है कि उच्च गुणवत्ता वाली मछली प्रजातियां केवल खास जलवायु क्षेत्रों तक सीमित होती हैं.

इसके साथ ही यह भी साबित हुआ है कि मछली पालन की सफलता में मुख्य भूमिका जलवायु की नहीं, बल्कि अपनाए गए उन्नत तकनीकी उपायों की होती है.

यह परियोजना एक लाइव ट्रेनिंग और प्रदर्शन मंच के रूप में भी कार्य करती है जो युवाओं को उन्नत मत्स्य पालन प्रणालियों, स्वचालन और जैव सुरक्षा में व्यावहारिक अनुभव प्रदान करती है.

मंत्री ने कहा कि इसके माध्यम से मछली पालन उद्योग की इंसानों की इनकम को मजबूत बनाया जाएगा.

इससे पहले राजीव रंजन सिंह हैदराबाद स्थित नोवोटेल होटल में राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड (एनएफडीबी) के शासी निकाय की 12वीं वार्षिक आम बैठक में भी शामिल हुए.

इस बैठक में हरियाणा सरकार के मत्स्य पालन, कृषि एवं किसान कल्याण एवं पशुपालन एवं डेयरी विभाग के मंत्री श्याम सिंह राणा शामिल थे.

उन्होंने गुरुग्राम जिले के सुल्तानपुर गांव में एनएफडीबी के उत्तरी क्षेत्रीय केंद्र की स्थापना के लिए एनएफडीबी को 5 एकड़ भूमि हस्तांतरण का दस्तावेज सौंपा.

इस क्षेत्रीय केंद्र का उद्देश्य उत्तर भारत के आईलैंड राज्यों में मत्स्य पालन विकास को बढ़ावा देना है.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

Fisheries,Fish Farming, Fish Farming Centre, CMFRI
मछली पालन

Fisheries: हैल्दी मछलियों की आंखे और स्किन होती हैं चमकदार

नई दिल्ली. मछली पालन के काम में अगर मछली बीमार पड़ गई...

तालाब में खाद का अच्छे उपयोग के लिए लगभग एक सप्ताह के पहले 250 से 300 ग्राम प्रति हेक्टेयर बिना बुझा चूना डालने की सलाह एक्सपर्ट देते हैं.
मछली पालन

Fish Farming Tips: जनवरी में तालाब की गहराई 6 से 8 फीट रखें, मछलियों को खिलाएं कम फीड

नई दिल्ली. ठंड के मौसम में मछलियों के लिए तालाब का जल...

During the fishing ban period, financial assistance is provided by the Government towards livelihood and nutritional support for socio-economically backward, active traditional fishers.
मछली पालन

Fish Farming: भागलपुर में फिशिंग का शौक रखने वालों के लिए फिशरीज पार्क की हुई शुरुआत

नई दिल्ली. बिहार के भागलपुर जिले में अब फिशिंग का शौक रखने...