Home मछली पालन Fisheries: सरकार मछली पकड़ने वाले जहाजों को देगी ये छूट, इन इलाकों के इस्तेमाल के लिए बनेगा मजबूत ढांचा
मछली पालनसरकारी स्की‍म

Fisheries: सरकार मछली पकड़ने वाले जहाजों को देगी ये छूट, इन इलाकों के इस्तेमाल के लिए बनेगा मजबूत ढांचा

fishermen
प्रतीकात्मक तस्वीर

नई दिल्ली. भारत की 11 हजार 99 किलोमीटर से अधिक लंबी तटरेखा और 23 लाख वर्ग किलोमीटर से ज्यादा का विशिष्ट आर्थिक क्षेत्र (ईईजेड) 13 समुद्र तटीय राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 50 लाख से अधिक मछुआरा समुदाय को आजीविका प्रदान करता है. समुद्री मत्स्य पालन समुद्री खाद्य निर्यात और लाखों लोगों को पोषण संबंधी सहायता प्रदान करके देश की समुद्री अर्थव्यवस्था में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. हालांकि, देश के ईईजेड की पूरी क्षमता, विशेष रूप से गहरे समुद्र में टूना संसाधनों सहित उच्च मूल्य वाले संसाधनों का अब तक कम इस्तेमाल किया गया है.

श्रीलंका, मालदीव, इंडोनेशिया, ईरान और यूरोपीय देश वर्तमान में हिंद महासागर क्षेत्र में पर्याप्त मात्रा में टूना मछलियां पकड़ रहे हैं, जबकि भारतीय मछली पकड़ने के बेड़े निकटवर्ती जल तक ही सीमित थे और मत्स्य पालन के टिकाऊ उपयोग पर नए ईईजेड नियमों की अधिसूचना से पहले पिछड़ रहे थे.

मछली उत्पादन में किस स्थान पर है भारत
भारत सरकार ने अपनी बजट घोषणा (2025-26) में घोषणा की थी कि “भारत विश्व स्तर पर मछली उत्पादन और जलीय कृषि में दूसरे स्थान पर है. समुद्री खाद्य निर्यात का मूल्य 60 हजार करोड़ रुपये है.

समुद्री क्षेत्र की अप्रयुक्त क्षमता को उजागर करने के लिए, हमारी सरकार अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह तथा लक्षद्वीप पर विशेष ध्यान देते हुए, भारतीय विशिष्ट आर्थिक क्षेत्र और विशाल सागरों से मत्स्य पालन के टिकाऊ उपयोग के लिए एक सक्षम ढांचा लाएगी.”

मत्स्य पालन विभाग द्वारा एक राष्ट्रीय ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित रीएएल्सीरेफ्ट पोर्टल, समुद्री मछुआरों और तटीय राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को मछली पकड़ने वाले जहाजों के पंजीकरण और लाइसेंसिंग, स्वामित्व हस्तांतरण और संबंधित प्रक्रियाओं के लिए वेब-आधारित, नागरिक-केंद्रित सेवाएं प्रदान करता है.

जिससे व्यापार में आसानी को बढ़ावा मिलता है. वर्तमान में, 13 तटीय राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लगभग 2.38 लाख मछली पकड़ने वाले जहाज इस पोर्टल पर पंजीकृत हैं.

जिनमें लगभग 1.32 लाख मोटर चालित नावें और 40,461 गैर-मोटर चालित पारंपरिक नावें शामिल हैं.

इन मछली पकड़ने वाले जहाजों को अब भारत के विशिष्ट आर्थिक क्षेत्र (ईईजेड) में मछली पकड़ने के लिए एक्सेस पास प्राप्त करने से छूट दी जाएगी.

हालांकि, कुल 64,187 मशीनीकृत मछली पकड़ने वाले जहाजों को ईईजेड संचालन के लिए एक्सेस पास प्राप्त करने की आवश्यकता होगी.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

तालाब में खाद का अच्छे उपयोग के लिए लगभग एक सप्ताह के पहले 250 से 300 ग्राम प्रति हेक्टेयर बिना बुझा चूना डालने की सलाह एक्सपर्ट देते हैं.
मछली पालन

Fish Farming: फिशरीज से जुड़े लोगों में सात थ्री-व्हीलर, आइस बॉक्स और नावों का किया वितरण

नई दिल्ली. बिहार के औरंगाबाद शहर में डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन...

हरित प्रदेश मिल्क प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन सदस्यों को बोनस का तोहफा दिया जा रहा है.
डेयरीसरकारी स्की‍म

Milk Production: दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए डेयरी किसानों को दी जा रही प्रोत्साहन राशि

नई दिल्ली. बिहार के बरौनी सुधा डेयरी से जुड़े दूध उत्पादक किसानों...