Home मछली पालन Fish Farming: यहां सरकार बनवा रही है 100 एकड़ का तालाब, मछली किसानों को मिलेगा बढ़ा फायदा
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Fish Farming: यहां सरकार बनवा रही है 100 एकड़ का तालाब, मछली किसानों को मिलेगा बढ़ा फायदा

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प्रतीकात्मक तस्वीर.

नई दिल्ली. बिहार के मधुबनी में मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए चौर की भूमि में तालाब का निर्माण कराया जा रहा है. घोघडीहा प्रखंड के मेनही चौर में पचास लोग लिज पर जमीन लेकर 25 एकड़ में तालाब का निर्माण कराएं हैं. वहीं, 25 एकड़ में तालाब निर्माण हो रहा है. कुल बारह तालाब का निर्माण होना है. इधर, हरलाखी के विटहर में भी दस तालाब का निर्माण कराया जा रहा है. 45 एकड़ में सात किसान समूह में तालाब का निर्माण करा रहे हैं. इसमें सामान्य वर्ग के किसानों को 50 फीसदी, पिछड़ी जाति, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जन जाति के लोगों को 70 फीसदी और उद्यमी आधारित चौर विकास में 30 फीसदी अनुदान लाभुकों को देने का प्रावधान किया है.

सरकार का मानना है कि गांव के बेकार पड़े या बंजर जमीन पर तालाब का निर्माण कर स्वच्छ गांव समृद्ध गांव बनाया जा सकता है. बेकार पड़े जमीन पर तालाब का निर्माण होने से ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति भी सुधरेगी. साथ ही गांव के बेरोजगारों को गांव में ही रोजगार मिल जायेगा. यह सारा काम मुख्यमंत्री समेकित चौर विकास योजना के तहत किया जा रहा है. चौर भूमि में तालाब का निर्माण होने से गांव में बड़े पैमाने पर रोजगार का सृजन होगा. इससे दूसरे राज्यों से मछली के आयात में भी कमी आयेगी. किसानों को कृषि बागवानी व कृषि वानिकी के लिए अनुदान भी अलग से मिलेगा.

मछुआरों को मिलेगी प्राथमिकी
मुख्यमंत्री समेकित चौर विकास योजना के तहत विभाग के माध्यम से परंपरागत मछुआरों को प्राथमिता दी जाएगी. इस स्कीम के तहत निजी क्षेत्र में चौर भूमि समेकित विकास किया जा रहा है. जहां मछली पालन के अलावे वागवानी एंव कृषि वानिकी को विकसित किया जाना है. इस योजना के तहत तालाब निर्माण पर लाभुकों को दो वित्तीय वर्ष तक इनपुट भी प्राथमिकता के आधार पर दिया जाएगा.

तीन मॉडल पर होगा काम
चौर विकास योजना के तहत लाभुकों को तीन मॉडल पर करना है. पहला एक हेक्टेयर में दो तालाब, चार तालाब और एक तालाब का निर्माण होगा. इसके लिये किसान समूह बनाकर भी योजना का लाभ ले सकते हैं. इसके साथ ही भूमि विकास के लिए भी योजना तैयार की गई है. तालाब खुदाई के समय निकली मिट्टी से बांध एवं कृषि भूमि को भरा जाएगा. जिला मत्स्य पदाधिकारी अंजनी कुमार ने कहा कि स्वच्छ गांव समृद्ध गांव बनाने के लिए गांव में बेकार पड़े बंजर जमीन पर तालाब का निर्माण कराया जा रहा है. इससे गांव में बेरोजगारी कम होगी, किसानों के आर्थिक स्थिति में भी सुधार होगा.

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