नई दिल्ली. बिहार के खगड़िया में मछली पालकों की आर्थिक तरक्की के लिए ट्रेनिंग दी गई. उन्हें बताया गया कि कैसे मछली पालक बेहतर तरीके से मछली पालन करके अपनी कमाई बढ़ा सकते हैं. दो दिवसीय मछली पालन को लेकर आयोजित प्रशिक्षण के दौरान जिला मत्स्य पदाधिकारी लाल बहादुर शाफी ने कहा कि मत्स्य विभाग द्वारा लगातार विभिन्न योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है. इसके साथ ही विभाग द्वारा दिए जाने वाले अनुदान आर्थिक तरक्की में कारगर साबित हो रहा है. उन्होंने कहा कि खगड़िया की मछली अन्य राज्यों में भी भेजी जा रही है.
मछली पालकों द्वारा की जाने वाले कड़ी मेहनत के कारण मछली का निर्यात संभव हो रहा है और इसका फायदा उन्हें मिल रहा है. खगड़िया जिले में मछली के उत्पादन को और बढ़ाने केलिए लगातार योजनाओं का फायदा पहुंचाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि मछली पालक और मछुआरे सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लें. इसके लिए पंचायतस्तर पर भी प्रचार प्रसार एवं प्रशिक्षण दिया जा रहा है.
पैदावार बढ़ाने की दी जानकारी
मछली पालकों को दूसरे राज्यों व क्षेत्रों में होने वाले बेहतर मछली पालन को लेकर नियमित अंतराल पर परिभ्रमण भी कराया जाता है. जहां उन्होंने अन्य प्रजाति के मछलियों के उत्पादन के बारे में जानकारी दी जाती है.
इसके साथ ही जलकरों, तालाबों की देखभाल, समय—समय पर साफ सफाई समेत मछली के स्वास्थ्य व उसके पैदावार को तेजी से बढ़ाने के लिए भी जानकारी दी जाती है.
कहा कि जिले के मछली पालकों, मछुआरों को उसके तकनीक में कौशल विकास के लिए भी प्रयास जारी है.
वहीं मछली पालन तकनीक के उपयोग से पर्यावरण व संसाधनों के सरंक्षण के प्रति भी जागरूक किया गया.
उन्होंने मछली पालन के आधुनिक तरीकों के व्यवहारिक ज्ञान का प्रचार प्रसार के माध्यम से मछली उत्पादन एवं उत्पादकता में ग्रोथ के साथ आत्मनिर्भर बनने के तरीके बताए गए.
निष्कर्ष
फिश एक्सपर्ट ने बताया कि मछली पालन की चल रही तमाम योजना को सही तरह से चलाई जाए और इसका फायदा मछली पालक उठाएं तो मछली पालकों को वार्षिक आय में वृद्धि होगी और रोजगार के सृजन के साथ साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती होगी.











