Home मछली पालन Fish Farming: नर्सरी तालाब में मछली के बच्चो को पालकर भी होती है अच्छी कमाई, यहां पढ़ें डिटेल
मछली पालन

Fish Farming: नर्सरी तालाब में मछली के बच्चो को पालकर भी होती है अच्छी कमाई, यहां पढ़ें डिटेल

namami gange project
फिंगरलिंग छोड़ते आईसीएआई के महानिदेशक डॉक्टर हिमांशु पाठक

नई दिल्ली. मछली पालन एक ऐसा काम है, जिससे सालाना 5 से 6 लाख रुपए तक की इनकम हासिल की जा सकती है. अगर आप एक एकड़ तालाब में मछली पालन करते हैं और आपको अच्छी फसल मिलती है तो इतनी इनकम कमाना कोई मुश्किल काम नहीं है लेकिन इसके बावजूद कई बड़े मछली पालक और ज्यादा कमाई की चाहत में मछली पालन के साथ-साथ इससे जुड़े दूसरे काम भी करते हैं. ताकि उनकी आमदनी और ज्यादा बढ़ जाए. ऐसा करने से उन्हें अच्छा खासा फायदा मिलता है. अगर आप भी ऐसा करते हैं तो आपको भी फायदा होगा.

इसके लिए आप अपने मछली के तालाब के किनारे खाली पड़ी जमीन पर सब्जियां उगा सकते हैं. इससे आप सालाना 50 से 60 रुपए अतिरिक्त कमाई कर लेंगे. वहीं आप चाहें तो अमरूद और केले जैसे फलों के पेड़ भी लगा सकते हैं. इससे भी आपको आमदनी होगी. वहीं केले का पेड़ तो मछली पालन में काफी फायदेमंद होता है. क्योंकि इसके पत्ते ग्रास कार्प जैसी मछलियों के लिए अच्छी खुराक साबित होते हैं. वहीं इससे प्लैंक्टन बनाने में भी मछली पालकों को सहूलियत मिलती है.

किलो के हिसाब से मिलता है दाम
अगर आप भी उन्हीं लोगों में से एक हैं जो मछली पालन के साथ और ज्यादा कमाई करना चाहते हैं तो इसके लिए आप नर्सरी तालाब बनवा सकते हैं. क्योंकि नर्सरी तलाब बनाकर मछली के छोटे बच्चों को बेचने का काम आपको बहुत फायदा पहुंचा सकता है. इसके लिए आपको थोड़ी खाली जगह की जरूरत होगी. जहां आप तीन से चार छोटे-छोटे तालाब बनवा सकते हैं. इन तालाबों में आप रोहू, कतला, मृगल या ग्रास क्राप जैसी तीन से चार तरह की मछलियों के बच्चों को कहीं से भी होलसेल में मंगवा कर डलवा सकते हैं. अगर आप इन बच्चों को 15 से 20 दिन तक पाल लेंगे और जब यह फिंगलिंग साइज की हो जाएंगी तो इन्हें किलो के हिसाब से बेच दिया जाता है. क्योंकि इनका दाम किलो के हिसाब से तय होता है.

बहुत कम होता है खर्च
इस स्टेज पर अपने आसपास की मछली पलकों को 300 से 400 रुपए प्रति किलो के हिसाब से फिंगर्लिंग साइज की मछली के बच्चे बेच सकते हैं. खास बात यह है कि इस पूरी प्रक्रिया में खर्च बहुत कम होता है. बच्चों को हल्का सा फीड और सामान्य देखभाल की जरूरत होती है और अच्छे मैनेजमेंट के साथ फिश मोर्टिलिटी यानी बच्चों की मौत की संभावना भी कम होती है. यह तरीका उन मछली पालन के लिए बेहतरीन विकल्प है जो ज्यादा खर्च किए बिना अतिरिक्त कमाई का साधन खोजना चाहते हैं. इस काम को शुरू करने का अभी का समय बिल्कुल बढ़िया है. अगर अभी आप बीज डाल देंगे तो बरसात में जब बीज की डिमांड ज्यादा रहेगी तो आप उसे बेचकर अच्छा मुनाफा कमा पाएंगे.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

Interim Budget 2024
मछली पालन

Fisheries: मछुआरों को दिया थ्री व्हीलर और आइस बॉक्स, ताजी मछलियां बाजार लाई जाएंगी

नई दिल्ली. बिहार सरकार के डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग (Dairy...

तालाब में खाद का अच्छे उपयोग के लिए लगभग एक सप्ताह के पहले 250 से 300 ग्राम प्रति हेक्टेयर बिना बुझा चूना डालने की सलाह एक्सपर्ट देते हैं.
मछली पालन

Fish Farming Tips: चूना, पोटैशियम परमैगनेट, फिटकरी और नमक तालाब में डालें, इसके हैं कई फायदे

नई दिल्ली. मछलि यों के तालाब में चूना, पोटैशियम परमैगनेट, फिटकरी और...

तालाब में खाद का अच्छे उपयोग के लिए लगभग एक सप्ताह के पहले 250 से 300 ग्राम प्रति हेक्टेयर बिना बुझा चूना डालने की सलाह एक्सपर्ट देते हैं.
मछली पालन

Fish Farming: फिशरीज से जुड़े लोगों में सात थ्री-व्हीलर, आइस बॉक्स और नावों का किया वितरण

नई दिल्ली. बिहार के औरंगाबाद शहर में डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन...