नई दिल्ली. मछली पालन में तालाब की तैयारी करना बेहद ही जरूरी है. क्योंकि तालाब ही सही नहीं है तो फिर मछली पालन के काम में फायदा नहीं मिलेगा. दरअसल, जब तालाब सही ढंग से तैयार नहीं होगा तो चाहे मछली का बीज कितना भी अच्छा हो उसकी ग्रोथ पर असर पड़ेगा. यानि उसकी ग्रोथ अच्छे से नहीं होगी. इसलिए मछली पालन करने के लिए तालाब की सही तैयारी करना बेहद ही जरूरी होता है. यदि आपको इस बारे में ज्यादा जानकारी चाहिए तो हम यहां आपको इस रिपोर्ट में इसी के बारे में बताने जा रहे हैं.
भारत सरकार के मत्स्य पालन विभाग (Department of Fisheries, Government of India) के मुताबिक सबसे पहला काम यह करना चाहिए कि पुराने पानी को पूरी तरह से निकाल देना चाहिए और महुआ की खली डालकर सारी जंगली मछलियों को मार देना चाहिए. ऐसा करने का एक बड़ा फायदा है. फायदा ये है कि इससे तालाब के अंदर से बीमारियां फैलाने वाले बैक्टीरिया पूरी तरह से खत्म हो जाएंगे. ये बैक्टीरिया मछली के बच्चों के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं.
इन बातों का भी रखें ध्यान
एक्सपर्ट का कहना है कि तालाब की मिट्टी को सुखाना भी बेहद ही जरूरी है और इसके बाद इसके अंदर चूना मिलाना चाहिए.
अगर आपका तालाब एक एकड़ का है तो उसके अंदर 50 किलो चूना जरूर मिलाएं. इस तरह से मिट्टी का सही उपचार किया जा सकता है.
वहीं इसका दूसरा फायदा ये भी होता है कि इससे बैक्टीरिया भी खत्म हो जाता है. यहां ये भी जान लें कि तालाब के अंदर गोबर का भी इस्तेमाल करना चाहिए.
एक्सपर्ट के मुताबिक पानी का पीएच लेवल 7 से 8 के बीच होना चाहिए. ताकि मछली के बच्चों को संतुलित वातावरण मिल सके.
निष्कर्ष
सही तालाब का मतलब यह है कि सेहतमंद मछलियां और इससे बढ़िया मुनाफा भी होगा. इसलिए तालाब की तैयारी में कोई कमी न छोड़ें. एक्सपर्ट का कहना है कि तालाब की तैयारी सही से कर लेंगे तो मछली पालन में कामयाब हो जाएंगे.












