Home मछली पालन Fish Farming Tips: दिसंबर में मछलियों की इन जरूरत को करें पूरा, ज्यादा उत्पादन के लिए है जरूरी
मछली पालन

Fish Farming Tips: दिसंबर में मछलियों की इन जरूरत को करें पूरा, ज्यादा उत्पादन के लिए है जरूरी

fish farming in pond
तालाब में मछलियों की प्रतीकात्मक तस्वीर.

नई दिल्ली. ऐसा नहीं है कि मछली पानी में रहती है तो उसे ठंड नहीं लगती है. मछलियों को भी ठंड से बचाने की जरूरत होती है और ठंड उन्हें भी परेशान करती है. दिसंबर का महीना चल रहा है और जैसे-जैसे ये महीना आगे बढ़ता जाएगा, ठंड और ज्यादा ज्यादा बढ़ती चली जाएगी. इस लिहाज से देखा जाए तो ठंड से मछलियों को कई तरह की दिक्कतें हो सकती हैं, जिससे बचाव करना बेहद ही अहम है. नहीं तो मछलियों की ग्रोथ पर इसका असर दिखाई दे सकता है. जिससे मछली पालन के काम में मछली पालकों को नुकसान हो सकता है.

बिहार सरकार के डेयरी, मत्स्य और पशु संसाधन विभाग (Dairy Fisheries and Animal Resources Department) के एक्सपर्ट ने लाइव स्टॉक एनिमल न्यूज (Livestock Animal News) को इस संबंध में कुछ अहम जानकारी दी है. जिसमें ये बताया गया है कि दिसंबर के महीने में मछली पालन के दौरान किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, जिससे मछली पालन में नुकसान न उठाना पड़े. आइए इस बारे में यहां कुछ बातों के बारे में जानते हैं.

मछलियों को क्या-क्या दें
बदलते मौसम में फफूंद और पारासाईटिक संक्रमण से मछली को बचाने के लिए 40-50 किलोग्राम प्रति एकड़ की दर से नमक का छिड़काव करें.

सथ ही फीड के साथ भी 5 से 6 ग्राम प्रति किलोग्राम भोजन के हिसाब से माह में 7 से 10 दिनों तक लगातार मछलियों को खिलाएं.

यदि आपके तालाब में कार्प मछलियां पली हैं तो कार्प मछली वाले तालाब में ठंड के मौसम में 15 दिनों के गैप जाल चलाना जरूरी होता है.

तालाब में ठंड के मौसम में प्राकृतिक भोजन (प्लैंकटन) की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रति सप्ताह प्रति एकड़ की दर से 25 किलोग्राम सरसों की खली (फुलाकर), 5 किलोग्राम सिंगल सुपर फॉस्फेट और 2 किलो ग्राम सूक्ष्म खनिज तत्व (मिनरल मिक्चर) पानी में घोलकर छिड़काव करें.

एक्सपर्ट का कहना है कि तालाब में पूरक आहार का इस्तेमाल 1 से 1.5 प्रतिशत मछली के कुल शरीर भार की दर से करें.

औसत तापमान 15 डिग्री सेल्सियस से कम होने पर पूरक आहार का इस्तेमाल कुल शरीर भार के 1 प्रतिशत की दर से करें.

निष्कर्ष
या फिर बंद कर तालाब में प्राकृतिक भोजन की उपलब्धता सुनिश्चित करें. ऐसा करने से मछलियों को ठंड के असर से बचाया जा सकता है. इससे उनकी ग्रोथ में कोई कमी भी नहीं आएगी.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

The States and UTs have been advised to implement the clusters based approach for development of fisheries and aquaculture. Based on the request received from the Andaman and Nicobar Administration, development of Tuna fisheries cluster in Andaman & Nicobar Islands has been notified under PMMSY.
मछली पालन

Fish Farming: सर​कार ने कहा ट्रॉलरों से पकड़ी जाने वाली मछलियों की मात्रा में नहीं आई है कोई कमी

नई दिल्ली. सेंट्रल मरीन फिशरीज रिसर्च इंस्टीट्यूट (CMFRI) को 2021-25 के दौरान...

fish farming in pond
मछली पालनसरकारी स्की‍म

Fisheries: PMMSY के तहत महिला मछली किसानों को इसके खर्च पर 60 फीसद हिस्सा खुद देगी सरकार

नई दिल्ली. महिलाओं के रोजगार और आजीविका संबंधी आवश्यकताओं को प्रधानमंत्री मत्स्य...