नई दिल्ली. मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय की ओर से पिछले दिनों देश में दूध, मीट और अंडा उत्पादन का डेटा जारी किया गया. इन आंकड़ों में ये बताया गया कि इन तीनों ही प्रोडक्ट ने पिछले 10 सालों में बहुत ग्रोथ दर्ज की है. 2014-15 से लेकर 2024-25 तक अंडा दूध और मीट प्रोडक्शन में देश ने तेजी के साथ अपने कदम आगे बढ़ाए हैं. दूध उत्पादन में जहां हम दुनिया में नंबर वन देश हैं तो वहीं मीट उत्पादन में चौथा स्थान है. अंडा उत्पादन के मामले में भी भारत की स्थिति दुनिया भर के देशों में मजबूत हुई है और हम दूसरे स्थान पर आ चुके हैं.
जहां एक और देश में पिछले 10 सालों में अंडो का उत्पादन बढ़ा है तो वहीं प्रति व्यक्ति अंडों की उपलब्धता में भी इजाफा हुआ है. साल दर साल इसके रिकॉर्ड अच्छे हुए हैं, जो पोषण के लिहाज से भी एक अच्छी खबर है. क्योंकि अंडे प्रोटीन के सबसे सस्ते और अच्छे सोर्स मानें जाते हैं. इस लिहाज से देखा जाए तो प्रति व्यक्ति अंडों की उपलब्धता बढ़ना अच्छे संकेत हैं. आइए अब जानते हैं कि पिछले 10 सालों में भारत में कब कितना अंडों का प्रोडक्शन हुआ है.
रिकॉर्ड क्या कहते हैं
शुरुआत अगर साल 2014-15 से की जाए तब देश में 7 हजार 800 करोड़ अंडों का उत्पादन किया गया था.
अगले साल ही अंडों के उत्पादन में इजाफा हो गया और देश में 8 हजार 300 करोड़ अंडों का उत्पादन किया गया.
इसी तरीके से 2016-17 में भी अंडों के उत्पादन में रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई और इस साल 8 हजार 800 करोड़ अंडों का उत्पादन देश में हुआ.
जबकि 2017-18 में यह आंकड़ा 9 हजार 500 करोड़ तक पहुंच गया. जबकि 2018-19 में देश में 10 हजार करोड़ अंडों का उत्पादन किया गया
इसी तरीके से 2019-20 में 11 हजार 400 करोड़ अंडो का उत्पादन हुआ. जबकि 2020-21 में 12 हजार 200 करोड़ एंड उत्पादित किए गए.
बात की जाए 2021-22 की तो इस साल 12 हजार 900 करोड़, वहीं 2022-23 में 13 हजार 800 करोड़ अंडों का प्रोडक्शन किया गया.
वहीं पिछले साल यानी 2023-24 में 14 हजार 300 करोड़ अंडों का उत्पादन किया गया. इस साल ये आंकड़ा बढ़कर 14 हजार 900 करोड़ के पार पहुंच गया है.
निष्कर्ष
एक्सपर्ट का कहना है कि आने वाले समय में भी अंडो का उत्पादन बढ़ेगा. देश में प्रति व्यक्ति अंडों की उपलब्धता भी बढ़ेगी. क्योंकि 2014-15 में जहां प्रति व्यक्ति हिस्से में 62 अंडे आते थे, वहीं अब इसकी संख्या बढ़कर 106 हो गई है.












