नई दिल्ली. किसी भी व्यवसाय को शुरू करने के लिए जरूरी होता है कि उस व्यवसाय को शुरू करने से पहले व्यापारी को पूरी जानकारी हो. यदि उसे जानकारी न हुई तो वह एक्सपर्ट से इस बारे में जान सकता है. मछली पालन भी खेती-किसानी के और पशुपालन के साथ-साथ किसानों की आय का स्रोत बनता जा रहा है. अगर कोई मछली पालन करना चाहता है तो उसे ट्रेनिंग की जरूरत होती है. इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे की मछली पालन के लिए कहां से ट्रेनिंग ली जा सकती है.
सरकार ट्रेनिंग कराती है
मछली पालन के लिए सरकार ट्रेनिंग की सुविधा देती है. भारत सरकार के मत्स्य विभाग में समय-समय पर ट्रेनिंग की सुविधा मिलती रहती है. पशु विभाग डेयरी विभाग और मत्स्य पालन तीनों कृषि मंत्रालय के अंतर्गत आते हैं. सरकार रोजगार और किसानों की आय बढ़ाने के मकसद से और बेरोजगारों को प्रोत्साहित करने के लिए इस तरह की योजनाएं लांच करती है. सरकारी मत्स्य विभाग की वेबसाइट https://dof.gov.in पर समय-समय पर ट्रेनिंग की सूचना मिलती रहती है. जहां पर आधुनिक तरीके से फिशिंग फार्मिंग छोटे पर पैमाने किस तरह की जा सकती है, इसके बारे में जानकारी होती है.
10 दी की होती है ट्रेनिंग
टैंक के छोटा तालाब में मछली पालन को नई तकनीक द्वारा विकसित करने की पहल भारत सरकार द्वारा की जा रही है. जिसका फायदा करोड़ों मछली उत्पादकों को उठा हो रहे हैं. भारत सरकार द्वारा साल 2018 में लगभग 1. 85 हजार लाख रुपए फिशिंग सेक्टर में दिया गया था. हरियाणा सरकार के द्वारा यह मत्स्य पालन के लिए कई ट्रेनिंग दी जाती है. 10 दिन से लेकर 15 दिन की ट्रेनिंग में मछली पालन से लेकर तालाब सफाई किस तरह की जाए, बीज कैसे डाला जाए, इन सब चीजों पर होती है. वेबसाइट mahendragarh.gov.in से अधिक जानकारी हासिल की जा सकती है.












