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Fish Farming: मछली का बीज खरीदते समय जरूर बरतें ये सावधानियां, पढ़ें एक्सपर्ट की सलाह

यहां मानसून जून से सितम्बर तक चलता है. औसत वर्षा करीब 57 सेमी. होती है.
मछली पालन की प्रतीकात्मक तस्वीर।

नई दिल्ली. अगर आप चाहते हैं कि आपके तालाब में मछली के बच्चे तेजी से बढ़ें, कम बीमार पड़ें और आपको अच्छा मुनाफा दें तो इसके लिए आपको अच्छी क्वालिटी के हेल्दी और एक्टिव फिश सीड्स की जरूरत होगी. चाहे आप रोहू, कतला, मृगल, सिल्वर कार्प, ग्रास कार्प, पंगेसियस, तिलापिया या किसी और प्रजाति की मछलियां पाल रहे हों. बच्चे हमेशा स्वस्थ और रोग मुक्त और तेज ग्रोथ करने वाले होने चाहिए. इसलिए हमेशा ही भरोसेमंद लोगों से और अच्छी फिश सीड्स उपलब्ध कराने वाले लोगों से मछली के बीज को खरीदें.

भारत के मछली पालन विभाग (Department of Fisheries, Government of India) के एक्सपर्ट का कहना है कि जब आप अच्छी क्वालिटी का बीज खरीदते हैं तो मछली पालन की यह एक अच्छी शुरुआत होती है और सही सिलेक्शन से मछली पालन में आप आगे बढ़ते हैं और इससे आपको अच्छी कमाई भी होती है.

ये काम जरूर करें आप
एक्सपर्ट का कहना है कि जब भी आप मछली का बीज खरीदते हैं तो हमेशा ही विश्वसनीय हैचरी से बीज को खरीदें. ताकि आपको अच्छी क्वालिटी का बीज मिले सके. जिससे आपको उत्पादन ज्यादा मिलेगा.

बीज को हैचरी से अपने तालाब तक लाने के लिए सुबह या शाम का समय चुने. क्योंकि उच्च तापमान से मछली के बीज का बचाव किया जा सके. दोपहर की तेज धूप बीज में मृत्यु दर ला सकती है.

जरूरत के हिसाब से मछली की प्रजाति का चुनाव कर सकते हैं. जैसे भारतीय मेजर कार्प के लिए पश्चिम बंगाल और ठंडे पानी की मछलियों के लिए कश्मीर एक अच्छा विकल्प होता है.

वहीं खरीदते समय उनकी जांच जरुर करें कि मछली का बीज स्वस्थ है कि नहीं और सक्रिय है कि नहीं. आंखें चमकदार होनी चाहिए और शरीर पर कोई चोट का निशान नहीं होना चाहिए.

तालाब के वातावरण में बीज डालने से पहले वैज्ञानिक सलाह जरूर अपनाना चाहिए. इससे मछली के बीज के जिंदा रहने का चांस और ज्यादा बढ़ जाता है.

निष्कर्ष
यदि आप इन सलाह को मानते हैं तो मछली पालन के काम में अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं. क्योंकि जब बीज स्वस्थ और अच्छी क्वालिटी का रहेगा तो इससे ग्रोथ भी अच्छी होगी. उत्पादन ज्यादा मिलेगा. इसके नतीजे में आपको मछली पालन में ज्यादा कमाई का मौका मिलेगा.

Written by
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